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पशु सेवा केंद्र से अतिक्रमण हटाए जाने के निर्देश
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अदलहाट। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पशु सेवा केंद्र कोलना से अतिक्रमण हटाए जाने व चहारदीवारी निर्माण कराए जाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इसके लिए प्रमुख सचिव पशुपालन विभाग को छह सप्ताह का मौका दिया है।
कोलना गांव में वर्ष 1958 से स्थापित पशु सेवा केंद्र का निर्माण पूर्व विधायक राजनरायन सिंह ने अपने परिवार की लगभग तीन बीघा जमीन देकर कराया था। विभाग की मिलीभगत से गांव के कुछ मनबढ़ किस्म के लोग यहां पर कब्जा कर चुके हैं। अतिक्रमण मुक्त कराने व यहां पशु चिकित्सा अस्पताल बनवाने के लिए जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से लेकर संबंधित विभाग के सचिव तक दो बार पत्र भेजा गया लेकिन किसी ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। गांव के समाज सेवी सतेंद्र सिंह उर्फ मंगल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर पशु सेवा केंद्र पर हुए अतिक्रमण को हटवाकर चहारदीवारी बनवाने की गुहार लगाई। जिसपर उच्च न्यायालय ने प्रमुख सचिव पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश को नियम के तहत छह सप्ताह में चहारदीवारी का निर्माण कराकर सूचित करने का निर्देश दिया है।
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कोलना गांव में वर्ष 1958 से स्थापित पशु सेवा केंद्र का निर्माण पूर्व विधायक राजनरायन सिंह ने अपने परिवार की लगभग तीन बीघा जमीन देकर कराया था। विभाग की मिलीभगत से गांव के कुछ मनबढ़ किस्म के लोग यहां पर कब्जा कर चुके हैं। अतिक्रमण मुक्त कराने व यहां पशु चिकित्सा अस्पताल बनवाने के लिए जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से लेकर संबंधित विभाग के सचिव तक दो बार पत्र भेजा गया लेकिन किसी ने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया। गांव के समाज सेवी सतेंद्र सिंह उर्फ मंगल ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर पशु सेवा केंद्र पर हुए अतिक्रमण को हटवाकर चहारदीवारी बनवाने की गुहार लगाई। जिसपर उच्च न्यायालय ने प्रमुख सचिव पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश को नियम के तहत छह सप्ताह में चहारदीवारी का निर्माण कराकर सूचित करने का निर्देश दिया है।
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