आचार संहिता के उल्लंघन में केस
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बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के नगर प्रत्याशी रत्नाकर मिश्र ने ढाई सौ कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच कर नामांकन करने की अनुमति जिला प्रशासन से ली थी। लेकिन बुधवार को अनुमति लिए गए संख्या से दस गुना अधिक कार्यकर्ताआें के साथ नामांकन करने आए। यही नहीं एक वाहन पर निर्धारित किए गए एक बैनर व एक झंडे की जगह चार-चार बैनर और झंडे लगाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि यह आचार संहिता का उल्लंघन है। इतना ही नहीं उनके कार्यकर्ताओं व अस्पताल तिराहे पर लगे पुलिस से भी अंदर घुसने को लेकर जमकर नोकझोंक हुई।
सीओ नगर बृजेश कुमार बीच बचाव करने पहुंच तो कार्यकर्ता उनसे उलझने लगे और जिलाध्यक्ष वालेंदुमणि त्रिपाठी को अंदर करने की जिद करने लगे। काफी जद्दोजहद के बाद के बाद पुलिस ने जिलाध्यक्ष को बैरिकेटिंग से अंदर जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताआें को अस्पताल तिराहे से हटाया। इसके लिए सुरक्षाकर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। फ्लाइंग स्कोर्ट मजिस्ट्रेट सतीश कुमार ने प्रत्याशी द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन पाते हुए उनके खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।