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मानदेय के लिए रसोइयाें ने किया प्रदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Fri, 20 Feb 2015 11:24 PM IST
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पिछले दस माह से मानदेय नहीं मिलने पर शुक्रवार को विद्यालयाें में तैनात रसोइयाें ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन केे दौरान रसोइया ने जिलाधिकारी को तीन सूत्री मांग पत्र सौंप कर उसका निस्तारण कराने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान रसोइयों ने कहा कि पिछले दस माह से उनको मानदेय नहीं मिल रहा है। इससे वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गई हैं।
शासन द्वारा उनके मेहनताना के बदले दिए जा रहे एक हजार रुपये ऊंट के मुंह में जीरा समान हैं। इसलिए उसको बढ़ा कर दो या तीन हजार किया जाए। जिससे वह अपने परिवार का कुछ खर्च चला सके।
कहा कि 250 रुपये मजदूराें को मजदूरी दी जा रही है जबकि उनको मात्र 33 रुपये प्रतिदिन की दर से मानदेय दिया जा रहा है जो काफी कम है। इतना ही नहीं उनको मई जून में विद्यालय बंद होने के कारण 12 की जगह दस माह का मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
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महिलाआें ने समय से मानदेय देने तथा दस के स्थान पर 11 माह का मानदेय देने की मांग की। इस अवसर पर देवी, कलूई, मन्नाें, चंपा, मालती, सूनिसा, विलावती, छबिया, सतुनी, इनरऊती, गीता, शांति, छरारामनी, लकाली, ठिशुना, शीला, सरस्वती, वंदरा देवी, जानकी, पार्वती, सुनीता, रामलीला, प्रभावती समेत सैकड़ाें रसोइया उपस्थित रहीं।
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प्रदर्शन के दौरान रसोइयों ने कहा कि पिछले दस माह से उनको मानदेय नहीं मिल रहा है। इससे वह भुखमरी के कगार पर पहुंच गई हैं।
शासन द्वारा उनके मेहनताना के बदले दिए जा रहे एक हजार रुपये ऊंट के मुंह में जीरा समान हैं। इसलिए उसको बढ़ा कर दो या तीन हजार किया जाए। जिससे वह अपने परिवार का कुछ खर्च चला सके।
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कहा कि 250 रुपये मजदूराें को मजदूरी दी जा रही है जबकि उनको मात्र 33 रुपये प्रतिदिन की दर से मानदेय दिया जा रहा है जो काफी कम है। इतना ही नहीं उनको मई जून में विद्यालय बंद होने के कारण 12 की जगह दस माह का मानदेय नहीं दिया जा रहा है।
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महिलाआें ने समय से मानदेय देने तथा दस के स्थान पर 11 माह का मानदेय देने की मांग की। इस अवसर पर देवी, कलूई, मन्नाें, चंपा, मालती, सूनिसा, विलावती, छबिया, सतुनी, इनरऊती, गीता, शांति, छरारामनी, लकाली, ठिशुना, शीला, सरस्वती, वंदरा देवी, जानकी, पार्वती, सुनीता, रामलीला, प्रभावती समेत सैकड़ाें रसोइया उपस्थित रहीं।