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Mirzapur News: मां विंध्यवासिनी मंदिर का गंगाजल से हुआ घटाभिषेक
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विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी के वार्षिक घटाभिषेक के लिए बुधवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान गर्भगृह और पूरे मंदिर परिसर सभी विग्रहों की गंगाजल से धुलाई की गई।
श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे तक मंदिर का अभिषेक किया। पक्काघाट से मां विंध्यवासिनी मंदिर तक काफी संख्या में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कोई मिट्टी, कोई पीतल तो कोई चांदी के घड़े के साथ माता के जलाभिषेक के लिए पहुंचा। इस दौरान भक्तोंं का उत्साह देखते बन रहा था। घटाभिषेक से पहले श्रद्धालुओं ने विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान किया। उसके बाद घड़े में गंगाजल भरकर भीगे बदन ही मां विंध्यवासिनी मंदिर की ओर पहुंचने लगे। नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र, श्री विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष पं. राजन पाठक सहित अन्य लोगों ने मां विंध्यवासिनी मंदिर का घटाभिषेक किया।
उधर, मां विंध्यवासिनी मंदिर के बुधवार को घटाभिषेक के चलते चार घंटे दर्शन-पूजन बंद रहा। इस बीच मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को चार घंटे तक प्रतीक्षा करने पड़ी। बुधवार को सुबह 10 बजे गंगा में स्नान कर माता दरबार पहुंचे श्रद्धालु विंध्य कॉरिडोर के परिक्रमा पथ अथवा इधर-उधर बैठकर मंदिर खुलने का इंतजार करते रहे। दोपहर एक बजे प्रधान शृंगारिया पं. राघवेंद्र उपाध्याय ने मां विंध्यवासिनी की राजश्री आरती की। इस दौरान गर्भगृह की ओर जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर दो बजे मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालु जयकारे के साथ माता की एक झलक के लिए उमड़ पड़े। कमल पुष्प तथा तरह-तरह के फूलों और रत्न जड़ित हार के साथ मां के भव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर रहे। उधर, मां विंध्यवासिनी मंदिर के घटाभिषेक के बाद राजश्री आरती के दौरान झांकी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गर्भगृह का कपाट बंद होने से झांकी दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। मंदिर में बज रहे शंख, नगाड़े और शहनाई के बीच आरती दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत रहे। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहे।
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श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक दो घंटे तक मंदिर का अभिषेक किया। पक्काघाट से मां विंध्यवासिनी मंदिर तक काफी संख्या में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। कोई मिट्टी, कोई पीतल तो कोई चांदी के घड़े के साथ माता के जलाभिषेक के लिए पहुंचा। इस दौरान भक्तोंं का उत्साह देखते बन रहा था। घटाभिषेक से पहले श्रद्धालुओं ने विभिन्न गंगा घाटों पर स्नान किया। उसके बाद घड़े में गंगाजल भरकर भीगे बदन ही मां विंध्यवासिनी मंदिर की ओर पहुंचने लगे। नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र, श्री विंध्य पंडा समाज के पूर्व अध्यक्ष पं. राजन पाठक सहित अन्य लोगों ने मां विंध्यवासिनी मंदिर का घटाभिषेक किया।
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उधर, मां विंध्यवासिनी मंदिर के बुधवार को घटाभिषेक के चलते चार घंटे दर्शन-पूजन बंद रहा। इस बीच मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को चार घंटे तक प्रतीक्षा करने पड़ी। बुधवार को सुबह 10 बजे गंगा में स्नान कर माता दरबार पहुंचे श्रद्धालु विंध्य कॉरिडोर के परिक्रमा पथ अथवा इधर-उधर बैठकर मंदिर खुलने का इंतजार करते रहे। दोपहर एक बजे प्रधान शृंगारिया पं. राघवेंद्र उपाध्याय ने मां विंध्यवासिनी की राजश्री आरती की। इस दौरान गर्भगृह की ओर जाने वाले मार्ग पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। दोपहर दो बजे मंदिर का पट खुलते ही श्रद्धालु जयकारे के साथ माता की एक झलक के लिए उमड़ पड़े। कमल पुष्प तथा तरह-तरह के फूलों और रत्न जड़ित हार के साथ मां के भव्य स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव विभोर रहे। उधर, मां विंध्यवासिनी मंदिर के घटाभिषेक के बाद राजश्री आरती के दौरान झांकी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। गर्भगृह का कपाट बंद होने से झांकी दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। मंदिर में बज रहे शंख, नगाड़े और शहनाई के बीच आरती दर्शन कर श्रद्धालु अभिभूत रहे। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध रहे।
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