फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Five development projects have expired, cost increases

Mirzapur News: 5 विकास कार्यों की समय सीमा खत्म, लागत बढ़ी

Wed, 07 Jan 2026 01:25 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
Five development projects have expired, cost increases
विंध्याचल ​स्थित गंगा घाट पर चल रहा कार्य, स्रोत संवाद
मिर्जापुर/ विंध्याचल। जिले में भले ही विकास योजनाओं के शिलान्यास के समय लागत और तारीखों की घोषणा की जाती है पर इनकी समय सीमा साल दर साल बढ़ती रहती है। इसके साथ ही उनकी लागत भी बढ़ती जाती है। जिले में चल रहे पांच बड़े विकास कार्य और उनकी प्रगति की गति को देखकर तो ऐसा ही लगता है।
विज्ञापन

लोगों को साफ और शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए अमृत पेयजल योजना की शुरुआत 2021 में हुई। 193 करोड़ की लागत वाली योजना 2023 तक पूरी हो जानी चाहिए थी। पाइप लाइन बिछाने के लिए शहर का कोना-कोना खोदा गया। फिर कार्य पूरा होने की तारीख आगे बढ़ती गई। 21 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट की मांग की गई। कारण बताया कि पानी के कनेक्शन का पैसा लागत में नहीं था। अब योजना की नई समय सीमा 2026 रखी गई है। आज भी शहर के कई हिस्सों में कार्य चल रहा है। सड़क को खोदकर कनेक्शन निकालकर छोड़ दिया गया है तो कहीं खोदाई चल रही है। 29850 कनेक्शन दिए जाने थे पर मात्र 11282 कनेक्शन दिए गए हैं। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिशाषी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि कार्य पूर्ण होने की नई डेटलाइन मार्च 2026 कर दी गई है।
विज्ञापन

पहाड़ी ब्लॉक के मोहनपुर में 180 हेक्टेयर में 5.70 करोड़ रुपये की लागत से बायोडायवर्सिटी (मां विंध्यवासिनी जैव विविधता पार्क) पार्क का निर्माण 2022 से किया जा रहा है। योजना पर सुस्ती छा गई। कारण बजट की कमी को बताया जा रहा है। वन विभाग ने 1.70 करोड़ रुपये का नया प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। 2025 में पूरी होने वाली योजना की डेडलाइन 2027 तक बढ़ा दी गई है। यूपी में हापुड़, बदायूं, अयोध्या, बिजनौर, प्रतापगढ़ के साथ ही मिर्जापुर में बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। 2022 में कार्य शुरू हुआ। फिर काम धीमा पड़ गया। 4.7 किलोमीटर क्षेत्रफल को दो जोन में बांटकर लोहे की जाली से घेर दिया गया है। मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग पर मुख्य गेट तैयार किया जा रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि एसएमसी वर्क, बोर्ड सहित कुछ अन्य कार्य कराए जाने हैं, बजट के अभाव में काम रूका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रेलवे स्टेशन से श्रद्धालु मां के दरबार पहुंच सके इसके लिए 40 फीट के चौड़े नए मार्ग की स्वीकृति 2022 में मिली। 2023-24 में कार्य पूरा करने का लक्ष्य था। 15 करोड़ रुपये भी जारी हो गए। पूरे साल पैसा खाते में पड़ा रहा। वर्ष 2024 के आखिर में काम शुरू हुआ। महाकुंभ को देखते हुए घरों के अधिग्रहण और रास्ता चौड़ा करने का काम धीमा हुआ। कार्ययोजना को कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति के बावजूद अभी कई भवनों का अधिग्रहण नहीं हो सका। ध्वस्तीकरण का काम भी पीछे है। 24 करोड़ 27 लाख रुपये से योजना यहां रहने वाले लोगों के लिए समस्या बन गई है। विंध्याचल के स्टेशन रोड गली निवासी राजेश सिन्हा ने बताया कि ध्वस्तीकरण कार्य की रफ्तार काफी धीमी है। इसके चलते पूरा मार्ग अव्यवस्था का शिकार है। श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। अभी चौड़ीकरण के लिए सीमांकन का कार्य भी होना बाकी है।
4. 48 करोड़ से होनी थी विंध्य की पौड़ी का कार्य
हरिद्वार, अयोध्या, काशी की तर्ज पर विंध्य की पौड़ी बनाई जानी थी। विंध्याचल में पक्का घाट से मोतिया झील के बीच 48 करोड़ से नया घाट विकसित करने की योजना है। शासन की ओर से 2023 में स्वीकृति मिली समय सीमा अक्तूबर 2025 थी। इसमें महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और पाॅथवे भी शामिल था। इसके अलावा छतरियां लगाई जानी हैं। सीएंडडीएस को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी गई। अभी बहुत काम बाकी है। 2026 में भी इसके पूरा होने पर संशय है। अखाड़ा घाट विंध्याचल के पुजारी प्रीतम द्विवेदी ने कहा कि कार्य की गति धीमी है। इस बार माघ मेला के दौरान प्रयागराज से लौटने वालों को समस्या होगी। गंगा स्नान ध्यान में भी भक्तों को परेश्मानी हो रही है। घाट से उतरने के लिए भी रास्ते नहीं हैं। भक्त गंदे पानी को पार कर मंदिर जाने के लिए मजबूर हैं।
4. 26 करोड़ से रेलवे स्टेशन का होना था सुंदरीकरण
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विंध्याचल स्टेशन का भी सुंदरीकरण होना था। परियोजना की लागत 26 करोड़ 82 लाख रुपये थी। निर्माण शुरू किया गया था लेकिन अब भी आधे अधूरे कार्य हुए हैं, पुराने भवन को ध्वस्त कर नई बिल्डिंग में सभी कार्यालय शिफ्ट होने थे। अभी तक सिर्फ टिकट घर ही शिफ्ट किया जा सका है। इस संबंध में अमरेश उपाध्याय ने कहा कि पुराने भवनों को ध्वस्त कर नई बिल्डिंग में सभी कार्यालय शिफ्ट किए जाने थे। अन्य कार्यालय अभी भी पुरानी बिल्डिंग में चल रहे हैं।

रोडवेज परिसर सहित 11 शाैचालयों का होना था निर्माण
24 सितंबर 2023 को विंध्याचल रोडवेज परिसर सहित 11 जगहों पर शौचालय सहित कई परियोजनाओं का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने किया। यह आज तक अधूरे हैं। सिर्फ दो शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। विंध्याचल के रेलवे स्टेशन, रोडवेज, पक्का घाट, दीवान घाट सहित कई अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य आधे अधूरे हैं। मंगलवर्मा ने बताया कि विंध्य काॅरिडोर बन जाने से धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। गंगा घाट सहित कई अन्य स्थानों पर शौचालय बनने थे। लेकिन अभी तक अधूरे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed