{"_id":"5f3f96438ebc3e3d0713ebfc","slug":"fasting-teej-fasting-provides-unbroken-good-luck-mirzapur-news-vns542511226","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखंड सौभाग्य प्रदान करता है हरतालिका तीज व्रत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखंड सौभाग्य प्रदान करता है हरतालिका तीज व्रत
विज्ञापन
मिर्जापुर। हरतालिका तीज भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। आज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। यह व्रत निराहार और निर्जला किया जाता है। हरतालिका तीज को कई स्थानों पर तीजा के नाम से भी जाना जाता है।
हरतालिका तीज के दिन माता पार्वती और भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा की जाती है। अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए ये पूजा की जाती है। कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं। माता पार्वती ने शंकर भगवान को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। माता पार्वती के इस तप को देखकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से अच्छे पति की कामना और पति की लंबी आयु के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है।
शुभ मुहूर्त
विंध्याचल शेरकोठी निवासी अध्यात्मिक धर्मगुरु त्रियोगी मिठ्ठू मिश्र के अनुसार, हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त 21 अगस्त को सुबह 5 बजकर 53 मिनट से सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा फिर रात्रि पूजा का मुहूर्त समय 21 अगस्त को शाम 6 बजकर 54 मिनट से रात 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
हरतालिका तीज के दिन माता पार्वती और भगवान शंकर की विधि-विधान से पूजा की जाती है। अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए ये पूजा की जाती है। कुंवारी कन्याएं भी अच्छे वर की कामना के लिए यह व्रत रखती हैं। माता पार्वती ने शंकर भगवान को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। माता पार्वती के इस तप को देखकर भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और पार्वती जी को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से अच्छे पति की कामना और पति की लंबी आयु के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है।
विज्ञापन
शुभ मुहूर्त
विंध्याचल शेरकोठी निवासी अध्यात्मिक धर्मगुरु त्रियोगी मिठ्ठू मिश्र के अनुसार, हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त 21 अगस्त को सुबह 5 बजकर 53 मिनट से सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा फिर रात्रि पूजा का मुहूर्त समय 21 अगस्त को शाम 6 बजकर 54 मिनट से रात 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।
विज्ञापन