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किसी भी क्रय केंद्र पर धान बेच सकेंगे किसान
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मिर्जापुर। किसानों की सुविधा के लिए शासन ने सुविधा दी है कि वे किसी भी धान क्रय केंद्र पर धान बेच सकेंगे। हालांकि यह बाध्यता जरूर है कि जिस जगह से किसान टोकन लेंगे, धान उनको वहीं पर बेचना होगा।
इस समय तक लगभग 20 हजार किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। इसमें से 16 हजार किसानों का सत्यापन भी हो चुका है। धान खरीद शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक किसी ने धान नहीं बेचा। बताया जा रहा है कि सभी टोकन आठ नवंबर के बाद के लिए हैं। संभावना है कि दीपावली के बाद आठ नवंबर के बाद ही धान खरीद की गति में तेजी आएगी। फिलहाल सभी केंद्रों पर किसान टोकन लेने के लिए जरूर जुट रहे हैं।
मड़िहान : कलवारी स्थित हाट शाखा पर दो दिन में डेढ़ हजार से अधिक किसानों ने नंबर लिया। शासन की मंशा के अनुसार प्रति कांटा तीन सौ क्विंटल धान की खरीद होनी है। विपणन निरीक्षक कुँवर प्रताप सिंह ने बताया कि बोरी और धन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। खरीद के बाबत जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि किसान अभी टोकन के लिए ही आ रहे हैं। अभी किसी भी किसान ने धान नहीं बेचा है। जो भी टोकन लिए गए हैं, वह सभी आठ नवंबर के बाद के हैं। इसलिए संभावना यही है कि आठ नवंबर के बाद ही खरीद शुरू होगी।
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इस समय तक लगभग 20 हजार किसानों ने आनलाइन पंजीकरण कराया है। इसमें से 16 हजार किसानों का सत्यापन भी हो चुका है। धान खरीद शुरू हुए तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक किसी ने धान नहीं बेचा। बताया जा रहा है कि सभी टोकन आठ नवंबर के बाद के लिए हैं। संभावना है कि दीपावली के बाद आठ नवंबर के बाद ही धान खरीद की गति में तेजी आएगी। फिलहाल सभी केंद्रों पर किसान टोकन लेने के लिए जरूर जुट रहे हैं।
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मड़िहान : कलवारी स्थित हाट शाखा पर दो दिन में डेढ़ हजार से अधिक किसानों ने नंबर लिया। शासन की मंशा के अनुसार प्रति कांटा तीन सौ क्विंटल धान की खरीद होनी है। विपणन निरीक्षक कुँवर प्रताप सिंह ने बताया कि बोरी और धन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। खरीद के बाबत जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी धनंजय सिंह ने बताया कि किसान अभी टोकन के लिए ही आ रहे हैं। अभी किसी भी किसान ने धान नहीं बेचा है। जो भी टोकन लिए गए हैं, वह सभी आठ नवंबर के बाद के हैं। इसलिए संभावना यही है कि आठ नवंबर के बाद ही खरीद शुरू होगी।
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