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अधूरी तैयारियाें के बीच मेला शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Sat, 21 Mar 2015 12:34 AM IST
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आधी-अधूरी तैयारियाें के बीच नवरात्र मेला शुक्रवार मध्य रात्रि से शुरू हो गया। जिलाधिकारी की हिदायत के बावजूद संबंधित विभागों के अधिकारी मेले की तैयारी को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं। इसका खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ सकता है। मेला क्षेत्र में साफ-सफाई का अभाव है तो गंगा घाटों पर दुर्व्यवस्था का आलम है।
नवरात्र मेला शुरू हो गया, लेकिन तैयारियां पूरी नहीं हो पाई हैं। गंगा घाटों, गलियाें, सड़कों, रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर साफ-सफाई नहीं है। जबकि मेला क्षेत्र में पालिका प्रशासन ने करीब तीन सौ सफाई कर्मी तैनात किए हैं। गंगा घाटों के किनारे माला-फूल, कागज, पत्ता, प्लास्टिक और मिट्टी का ढेर लगा है। घाटाें पर एनाउंसमेंट के लिए गिने-चुने लाउडस्पीकर ही लगाए गए हैं। छुट्टा पशु गंगा घाटाें पर विचरण कर रहे हैं, जबकि मेले की तैयारी के संदर्भ में हुई बैठक में छुट्टा पशुओं को पकड़ कर दूर छोड़ने का निर्देश दिया गया था। विंध्याचल के परशुरामघाट पर बनवाए गए अस्थायी शौचालय मेला शुरू होने के पूर्व ही ध्वस्त हो गए। पुरानी वीआईपी रोड पर गुरुवार को लगवाया गया टाइल्स शुक्रवार को उखड़ गया। इससे साबित हो रहा है कि तैयारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। अष्टभुजा पहाड़ स्थित गेरुआ तालाब से सीताकुंड तक और सीताकुंड से मोतिया तालाब तक जाने वाले मार्गों पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। इससे रात के समय भक्तजन परेशान होंगे।
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नवरात्र मेला शुरू हो गया, लेकिन तैयारियां पूरी नहीं हो पाई हैं। गंगा घाटों, गलियाें, सड़कों, रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर साफ-सफाई नहीं है। जबकि मेला क्षेत्र में पालिका प्रशासन ने करीब तीन सौ सफाई कर्मी तैनात किए हैं। गंगा घाटों के किनारे माला-फूल, कागज, पत्ता, प्लास्टिक और मिट्टी का ढेर लगा है। घाटाें पर एनाउंसमेंट के लिए गिने-चुने लाउडस्पीकर ही लगाए गए हैं। छुट्टा पशु गंगा घाटाें पर विचरण कर रहे हैं, जबकि मेले की तैयारी के संदर्भ में हुई बैठक में छुट्टा पशुओं को पकड़ कर दूर छोड़ने का निर्देश दिया गया था। विंध्याचल के परशुरामघाट पर बनवाए गए अस्थायी शौचालय मेला शुरू होने के पूर्व ही ध्वस्त हो गए। पुरानी वीआईपी रोड पर गुरुवार को लगवाया गया टाइल्स शुक्रवार को उखड़ गया। इससे साबित हो रहा है कि तैयारी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। अष्टभुजा पहाड़ स्थित गेरुआ तालाब से सीताकुंड तक और सीताकुंड से मोतिया तालाब तक जाने वाले मार्गों पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। इससे रात के समय भक्तजन परेशान होंगे।
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