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Mirzapur News: कच्चा मकान गिरने से मलबे में दबाकर वृद्ध की मौत
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हलिया थाना क्षेत्र के बड़ौहा गांव में कच्चा मकान गिरने से मृत सुग्रीव। स्रोत- परिवार
हलिया। थाना क्षेत्र के बड़ौहा गांव में शुक्रवार देर शाम कच्चा मकान अचानक गिरने लगाशोर मचाकर पत्नी बाहर निकली पर पति चारपाई से नहीं उठ सका। तब तक मलबे में दबकर बड़ौहा गांव निवासी सुग्रीव उर्फ मोदी (70) की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की।
सुग्रीव उर्फ मोदी पत्नी चिरौजिया के साथ कच्चे मकान में रहते थे। शुक्रवार देर शाम कच्चा मकान भर भरा कर गिरने लगा। पत्नी चिरौजिया पति को बुलाते हुए बाहर निकल गई लेकिन वृद्ध चारपाई से उठने में देर की। जब तक वह चारपाई से उठकर बाहर निकलता। कच्चे मकान का मलबा उनके ऊपर गिर गया। पत्नी के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सुग्रीव को मलबे से बाहर निकाला। तब तक मौत हो चुकी थी। पुलिस व तहसील विभाग को सूचना दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस कार्रवाई में जुट गई। सुग्रीव के तीन पुत्र हैं। इसमें बाबूलाल व केशव का मुख्यमंत्री आवास बन चुका है। सुनील का मुख्यमंत्री आवास चयनित हुआ है। बाबूलाल तथा केशव अपने आवास में रहते हैं। सुग्रीव पत्नी के साथ कच्चे मकान में ही रहते थे। कभी-कभी बच्चो के घर जाते थे। थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कच्चा मकान के गिरने से दबकर वृद्ध की मौत हो गई।
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तेज बारिश में अब तक 300 से अधिक झोपड़े, कच्चे मकान, दीवार गिरीं, अबतक पांच की मौत
फोटो संख्या- 23 व 24
-मड़िहान के अकेले बनकी गांव में 31 झोपड़े गिरे, जिले में 3000 से अधिक जर्जर मकान चिह्नित
मिर्जापुर। जिले में अगस्त और सितंबर के शुरुआती सप्ताह में हुई तेज बारिश कच्चे मकान, झोपड़े और दीवारें गिर गईं। अलग-अलग क्षेत्रों में 300 से अधिक ढांचे धराशायी हो गए, इसमें अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों के घायल होने की सूचना है। स्थानीय प्रशासन और लेखपालों की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले मड़िहान में 135 कच्चे मकान और झोपड़े गिर गए। इनमें दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं बनकी गांव में ही 31 कच्चे मकान बारिश की भेंट चढ़ गए। हलिया में भी कच्चा मकाने गिरने से दो लोगों की मौत हो चुकी है।
बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने 3000 से अधिक जर्जर कच्चे मकानों को चिह्नित किया है। ऐसे परिवार, जिन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें आवास योजना से जोड़ने की तैयारी है। बारिश में मकान गिरने से हुई मौत के मामलों में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता देने की तैयारी है। घायलों के इलाज में भी प्रशासन की ओर से पूरी मदद देने की बात कही गई है। हलिया: सोठिया गांव में मंगलवार सुबह कच्चे मकान की दीवार गिरने से सुभागिन देवी (80) की मौत हो गई थी। वहीं शनिवार को बड़ौहा गांव में कच्चे मकान की दीवार के मलबे में दबने से सुग्रीव उर्फ मोदी की मौत हो गई। क्षेत्र में सैकड़ों कच्चे मकान धराशायी हुए हैं। कई मकान गिरने की कगार पर हैं। सोनगढ़ा के प्रधान अमृतलाल ने बताया कि मकान गिरने से कई परिवार बेघर हो गए हैं। घर-गृहस्थी का सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया। हलिया के बीडीओ विमल प्रकाश पांडेय ने बताया कि राजस्व विभाग से 11 लोगों के घर गिरने की सूचना मिली है। जिन परिवारों के कच्चे मकान हैं और जिन्हें अभी तक आवास नहीं मिला है, उन्हें चिह्नित कर प्रधानमंत्री आवास दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी।
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कई ब्लॉकों में गिरे मकान, कहीं सर्वे तो कहीं आंकड़े जुटाए जा रहे
सिटी: बीडीओ मृदुला सिंह ने बताया कि दो कच्चे मकान गिरे हैं। किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। जिगना, गाजीपुर, बिरोही और भटेवरा में कच्चे मकान गिरे हैं। जनहानि नहीं हुई, लेकिन सामान का नुकसान हुआ है। जर्जर मकानों की सूची अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। सीखड़: प्रेमापुर में कच्चा मकान, विदापुर में दीवार, पचराव में खपरैलयुक्त बैठका और खैरा में गोशाला गिर गई। किसी को चोट नहीं लगी। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया है। पटेहरा: बीडीओ सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि गिरे मकानों का आंकड़ा तहसील स्तर पर है। लेखपालों ने सर्वे किया है। ब्लॉक स्तर से सभी सचिवों को एक सप्ताह में सर्वे कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। कछवां: मझवां के बीडीओ अमित मिश्रा ने बताया कि बारिश में पांच कच्चे मकान गिरने के मामले सामने आए हैं। क्षेत्र में 1500 कच्चे मकान चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें आवास की सूची में शामिल किया है। पात्रों को दैवीय आपदा के तहत अनुदान और मुख्यमंत्री आवास दिलाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
राजगढ़: 17 अगस्त से दो सितंबर के बीच हुई बारिश में ददरा गांव की भैंसाखात बस्ती में आठ मकानों की दीवारें गिर गईं। 26 अगस्त की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। धनसीरिया में मकान गिरने से राजेंद्र घायल हो गए, जबकि लूसा में दो मकान गिरे और एक गाय घायल हुई। प्रभावितों को अभी तक सरकारी सहायता नहीं मिली है। ड्रमंडगंज: देवहट ग्राम पंचायत के लहुरियादह में मंगलवार रात तेज बारिश से कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। गुजरतिया देवी का जर्जर कच्चा मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। वह पन्नी लगाकर गुजारा कर रही थीं। बिहारी लाल कोल, संजीरा कोल, मौजी लाल, राजू यादव, लाल बहादुर यादव और वीरेंद्र कोल के भी मकान गिर गए। ग्राम प्रशासक कौशलेंद्र गुप्ता और लेखपाल नवीन पाठक ने मौके पर पहुंचकर शासन से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
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सुग्रीव उर्फ मोदी पत्नी चिरौजिया के साथ कच्चे मकान में रहते थे। शुक्रवार देर शाम कच्चा मकान भर भरा कर गिरने लगा। पत्नी चिरौजिया पति को बुलाते हुए बाहर निकल गई लेकिन वृद्ध चारपाई से उठने में देर की। जब तक वह चारपाई से उठकर बाहर निकलता। कच्चे मकान का मलबा उनके ऊपर गिर गया। पत्नी के शोर मचाने पर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सुग्रीव को मलबे से बाहर निकाला। तब तक मौत हो चुकी थी। पुलिस व तहसील विभाग को सूचना दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस कार्रवाई में जुट गई। सुग्रीव के तीन पुत्र हैं। इसमें बाबूलाल व केशव का मुख्यमंत्री आवास बन चुका है। सुनील का मुख्यमंत्री आवास चयनित हुआ है। बाबूलाल तथा केशव अपने आवास में रहते हैं। सुग्रीव पत्नी के साथ कच्चे मकान में ही रहते थे। कभी-कभी बच्चो के घर जाते थे। थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कच्चा मकान के गिरने से दबकर वृद्ध की मौत हो गई।
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तेज बारिश में अब तक 300 से अधिक झोपड़े, कच्चे मकान, दीवार गिरीं, अबतक पांच की मौत
फोटो संख्या- 23 व 24
-मड़िहान के अकेले बनकी गांव में 31 झोपड़े गिरे, जिले में 3000 से अधिक जर्जर मकान चिह्नित
मिर्जापुर। जिले में अगस्त और सितंबर के शुरुआती सप्ताह में हुई तेज बारिश कच्चे मकान, झोपड़े और दीवारें गिर गईं। अलग-अलग क्षेत्रों में 300 से अधिक ढांचे धराशायी हो गए, इसमें अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोगों के घायल होने की सूचना है। स्थानीय प्रशासन और लेखपालों की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले मड़िहान में 135 कच्चे मकान और झोपड़े गिर गए। इनमें दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हुई है। वहीं बनकी गांव में ही 31 कच्चे मकान बारिश की भेंट चढ़ गए। हलिया में भी कच्चा मकाने गिरने से दो लोगों की मौत हो चुकी है।
बारिश से हुए नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने 3000 से अधिक जर्जर कच्चे मकानों को चिह्नित किया है। ऐसे परिवार, जिन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, उन्हें आवास योजना से जोड़ने की तैयारी है। बारिश में मकान गिरने से हुई मौत के मामलों में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहायता देने की तैयारी है। घायलों के इलाज में भी प्रशासन की ओर से पूरी मदद देने की बात कही गई है। हलिया: सोठिया गांव में मंगलवार सुबह कच्चे मकान की दीवार गिरने से सुभागिन देवी (80) की मौत हो गई थी। वहीं शनिवार को बड़ौहा गांव में कच्चे मकान की दीवार के मलबे में दबने से सुग्रीव उर्फ मोदी की मौत हो गई। क्षेत्र में सैकड़ों कच्चे मकान धराशायी हुए हैं। कई मकान गिरने की कगार पर हैं। सोनगढ़ा के प्रधान अमृतलाल ने बताया कि मकान गिरने से कई परिवार बेघर हो गए हैं। घर-गृहस्थी का सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया। हलिया के बीडीओ विमल प्रकाश पांडेय ने बताया कि राजस्व विभाग से 11 लोगों के घर गिरने की सूचना मिली है। जिन परिवारों के कच्चे मकान हैं और जिन्हें अभी तक आवास नहीं मिला है, उन्हें चिह्नित कर प्रधानमंत्री आवास दिलाने की प्रक्रिया की जाएगी।
कई ब्लॉकों में गिरे मकान, कहीं सर्वे तो कहीं आंकड़े जुटाए जा रहे
सिटी: बीडीओ मृदुला सिंह ने बताया कि दो कच्चे मकान गिरे हैं। किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। जिगना, गाजीपुर, बिरोही और भटेवरा में कच्चे मकान गिरे हैं। जनहानि नहीं हुई, लेकिन सामान का नुकसान हुआ है। जर्जर मकानों की सूची अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। सीखड़: प्रेमापुर में कच्चा मकान, विदापुर में दीवार, पचराव में खपरैलयुक्त बैठका और खैरा में गोशाला गिर गई। किसी को चोट नहीं लगी। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया है। पटेहरा: बीडीओ सिद्धार्थ मिश्रा ने बताया कि गिरे मकानों का आंकड़ा तहसील स्तर पर है। लेखपालों ने सर्वे किया है। ब्लॉक स्तर से सभी सचिवों को एक सप्ताह में सर्वे कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। कछवां: मझवां के बीडीओ अमित मिश्रा ने बताया कि बारिश में पांच कच्चे मकान गिरने के मामले सामने आए हैं। क्षेत्र में 1500 कच्चे मकान चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें आवास की सूची में शामिल किया है। पात्रों को दैवीय आपदा के तहत अनुदान और मुख्यमंत्री आवास दिलाने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।
राजगढ़: 17 अगस्त से दो सितंबर के बीच हुई बारिश में ददरा गांव की भैंसाखात बस्ती में आठ मकानों की दीवारें गिर गईं। 26 अगस्त की घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। धनसीरिया में मकान गिरने से राजेंद्र घायल हो गए, जबकि लूसा में दो मकान गिरे और एक गाय घायल हुई। प्रभावितों को अभी तक सरकारी सहायता नहीं मिली है। ड्रमंडगंज: देवहट ग्राम पंचायत के लहुरियादह में मंगलवार रात तेज बारिश से कई कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। गुजरतिया देवी का जर्जर कच्चा मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। वह पन्नी लगाकर गुजारा कर रही थीं। बिहारी लाल कोल, संजीरा कोल, मौजी लाल, राजू यादव, लाल बहादुर यादव और वीरेंद्र कोल के भी मकान गिर गए। ग्राम प्रशासक कौशलेंद्र गुप्ता और लेखपाल नवीन पाठक ने मौके पर पहुंचकर शासन से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।