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अतिकुपोषित पाए गए आठ बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Tue, 08 Sep 2015 12:47 AM IST
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कुपोषण मुक्त जिला बनाने के लिए सोमवार को विशेष वजन अभियान चलाया गया। जिसमें 15889 बच्चों के सापेक्ष 90 फीसदी बच्चों का वजन लिया गया।
राज्यमंत्री बाल पुष्टाहार और बेसिक शिक्षा कैलाश चौरसिया ने सिटी ब्लाक के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अमोई में आंगनबाड़ी केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान आठ बच्चे अति कुपोषित मिले।
उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिकाओं को बच्चों का पोषाहार बढ़ाने का निर्देश दिया। वहीं राजगढ़ ब्लाक में निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरमीत गुप्ता को दस आंगनबाड़ी सहायिकाएं गायब मिलीं। इन सभी की सेवा समाप्ति की संस्तुति मुख्य विकास अधिकारी से की है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सिटी ब्लाक के नौहा और खुटहा स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुपोषित बच्चे मिलने पर आंगनबाड़ी सहायिका को दो हजार रुपये पोषाहार के लिए दिया।
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इस दौरान 256 में 24 लाल श्रेणी और 56 पीली श्रेणी के बच्चे मिले।
जिले को कुपोषणमुक्त बनाने के लिए सात व दस सितंबर को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पहले चरण में सोमवार को विकास खंड हलिया, राजगढ़, नरायनपुर, सीखड़, कोन सिटी ग्रामीण और मझवां में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित तथा अतिकुपोषित बच्चों का वजन किया गया।
पहले चरण में इन ब्लाकों में निर्धारित लक्ष्य 15889 के सापेक्ष 90 प्रतिशत बच्चों का वजन लिया गया। वजन दिवस की सफलता के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने सेक्टर प्रभारियों को तैनात किया था।
राज्य मंत्री कैलाश चौरसिया ने सिटी ब्लाक के अमोई में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 129 बच्चों में आठ बच्चे अतिकुपोषित और नौ बच्चे कुपोषित मिले। जिन्हें उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर कर दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरमीत गुप्ता ने विकास खंड राजगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र दड़िया, भावां, ददरा, राजगढ़, भरुहवा, कुडी, चकसरिया, कुडी आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान सहायिकाओं द्वारा वजन करने में अनियमितता मिली।
आंगनबाड़ी सहायिकाओं द्वारा वजन करने में फर्जी अंकन किया गया था।
साथ ही अभिलेखों का रखरखाव सही तरीके से नहीं किया गया था। वहीं चकसरिया की सहायिका जलावती ने बताया कि मुख्य सेविका हीरामनी सिंह और सीमारानी तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी राजगढ़ द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई है। डीपीओ ने सीडीपीओ दिलीप पांडेय के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह ने खुटहा में निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमओ को निर्देश दिया कि तत्काल आयरन की गोली, हीमोग्लोबीन स्टिक आदि उपलब्ध कराया जाय।
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राज्यमंत्री बाल पुष्टाहार और बेसिक शिक्षा कैलाश चौरसिया ने सिटी ब्लाक के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। अमोई में आंगनबाड़ी केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान आठ बच्चे अति कुपोषित मिले।
उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिकाओं को बच्चों का पोषाहार बढ़ाने का निर्देश दिया। वहीं राजगढ़ ब्लाक में निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरमीत गुप्ता को दस आंगनबाड़ी सहायिकाएं गायब मिलीं। इन सभी की सेवा समाप्ति की संस्तुति मुख्य विकास अधिकारी से की है।
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जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह ने सिटी ब्लाक के नौहा और खुटहा स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कुपोषित बच्चे मिलने पर आंगनबाड़ी सहायिका को दो हजार रुपये पोषाहार के लिए दिया।
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इस दौरान 256 में 24 लाल श्रेणी और 56 पीली श्रेणी के बच्चे मिले।
जिले को कुपोषणमुक्त बनाने के लिए सात व दस सितंबर को विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के पहले चरण में सोमवार को विकास खंड हलिया, राजगढ़, नरायनपुर, सीखड़, कोन सिटी ग्रामीण और मझवां में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित तथा अतिकुपोषित बच्चों का वजन किया गया।
पहले चरण में इन ब्लाकों में निर्धारित लक्ष्य 15889 के सापेक्ष 90 प्रतिशत बच्चों का वजन लिया गया। वजन दिवस की सफलता के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने सेक्टर प्रभारियों को तैनात किया था।
राज्य मंत्री कैलाश चौरसिया ने सिटी ब्लाक के अमोई में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 129 बच्चों में आठ बच्चे अतिकुपोषित और नौ बच्चे कुपोषित मिले। जिन्हें उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर कर दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरमीत गुप्ता ने विकास खंड राजगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्र दड़िया, भावां, ददरा, राजगढ़, भरुहवा, कुडी, चकसरिया, कुडी आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान सहायिकाओं द्वारा वजन करने में अनियमितता मिली।
आंगनबाड़ी सहायिकाओं द्वारा वजन करने में फर्जी अंकन किया गया था।
साथ ही अभिलेखों का रखरखाव सही तरीके से नहीं किया गया था। वहीं चकसरिया की सहायिका जलावती ने बताया कि मुख्य सेविका हीरामनी सिंह और सीमारानी तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी राजगढ़ द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई है। डीपीओ ने सीडीपीओ दिलीप पांडेय के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया।
मुख्य विकास अधिकारी अमित कुमार सिंह ने खुटहा में निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमओ को निर्देश दिया कि तत्काल आयरन की गोली, हीमोग्लोबीन स्टिक आदि उपलब्ध कराया जाय।