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Mirzapur News: बाढ़ का असर...सड़क पर भरा पानी, कई गांवों का संपर्क टूटा, नाव सहारा

Tue, 17 Sep 2024 05:12 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2024 05:12 AM IST
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Effect of flood... road filled with water, many villages cut off from communication, boats were the only option
मिर्जापुर। गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला लगातार छठें दिन भी जारी रहा। सोमवार की शाम चार बजे तक गंगा के जलस्तर में एक घंटे में आधा सेमी की रफ्तार से वृद्धि हो रही थी। जलस्तर चेतावनी बिंदु से 0.204 मीटर और खतरे के निशान से मात्र 1.204 मीटर नीचे है। बाढ़ के चलते छानबे, कोन व नरायनपुर ब्लाॅक के तहत आने वाली कई बस्तियां और घर पानी से घिर गए हैं। मार्गों पर पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। गंगा में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर व खतरे का निशान 77.724 मीटर पर है।
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विंध्याचल क्षेत्र में गंगा में आए उफान के चलते आस्था धाम विंध्याचल स्थित दीवान घाट गली में स्थित अस्थायी दुकानों में पानी भर गया है। गोसाईंपुरवा मौर्य बस्ती मार्ग पर पानी भर जाने से संपर्क टूट गया है। बस्ती के लोगों के लिए केवल नाव ही सहारा बना हुआ है। उधर, गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण जिगना क्षेत्र में कर्णावती नदी में उफान आ गया है। अकोढ़ी-बबुरा मार्ग पर रेल पुल के नीचे पांच फीट से ज्यादा पानी भर जाने से मार्ग पर आवागमन बंद है। भटेवरा-विजयपुर मार्ग पर बने रपटा से काफी ऊपर पानी बह रहा है। गांवों से संपर्क टूट गया है। नाव ही लोगों के लिए सहारा बना हुआ है। इसी तरह बिरोही-बघरा मार्ग पर भी पानी बहने से आवागमन प्रभावित है। अकोढ़ी-बबुरा मार्ग बंद होने से लोगों को जोपा गैपुरा होकर आना-जाना पड़ रहा है।
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निचले इलाकों में बाढ़ का पानी भर जाने से चेहरा, काशीसरपती, गौरा परमानपुर, अकोढ़ी, महडौरा, देवरी, बिरोही, अरंगीसरपत्ती, भटेवरा, गाजीपुर, बलापुर, कठवइया, रैपुरी, खम्हरिया कला, गोड़सर, बबुरा आदि गांवों में बोई गई तिल, उरद, मूंग, बाजरा तथा सब्जी आदि की फसलें पानी में डूब गई हैं। बाढ़ के चलते चेतगंज क्षेत्र के लखनपुर, मवैया, जगदीशपुर, मल्लेपुर, हरसिंहपुर, तिलठी, मिश्राधाप, अनुरूद्धपुर पूरब पट्टी, अनुरूद्धपुर पश्चिम पट्टी, धौरहरा, सेमरा व खुलुआ आदि गांवों में पानी पहुंचने से किसान चिंतित हैं। फसलें पानी में डूब रही हैं। सीखड़ क्षेत्र के धन्नूपुर, बिदापुर, मझरा कला, फुलहा, प्रेमापुर, रामगढ़, सीखड़, गौरैया, घमही, विट्ठलपुर, मवैया, मिसिरपुरा, खानपुर, मेड़िया, भुवालपुर, अदलपुरा, कठेरवा, खानपुर, बटौवा आदि गंगा के किनारे बसे गांवों में किसानों के खेत में बोई फसलें धीरे-धीरे बाढ़ के पानी में डूब रही हैं। फुलहा, मझरा कला में काफी संख्या में किसानों के कोहड़े की खेती बाढ़ के पानी में डूबकर बर्वाद हो गई। बाढ़ का पानी मेड़िया बाहा, खानपुर पुलिया होते हुए कठेरवा की तरफ बढ़ने से किसान परेशान हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के गांवों के किसान खेतों में लगाए गए मिर्च गए के पौधे उखाड़कर सुरक्षित स्थान पर ले जा रहे हैं। गंगा में बाढ़ के चलते पड़री क्षेत्र के बेलवन नदी, गुरखूली नदी और छोटे-बड़े नालों के सहारे निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल रहा है। गढ़थौली, सरैया, कठनई, धर्मदेवा, सिंधोरा, चंडिका आदि गांवों में फसलें पानी में डूब रही हैं। इससे पशुओं के लिए चारे की समस्या बढ़ गई है। गंगा में पानी बढ़ने से बेलवन, कठिनई, पकरीकापूरा, गढ़ठौली सड़क पर पानी आ गया है। ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर आवागमन करना पड़ रहा है।
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उधर, सदर में 24 और चुनार तहसील क्षेत्र की 31 ग्राम पंचायतों समेत कुल 55 ग्राम पंचायतें प्रशासन की नजर में बाढ़ से प्रभावित हैं। गंगा के तटवर्ती इलाकों में स्थित बाढ़ प्रभावित इन गांवों में किसानों की फसलें पानी में डूब गई हैं। सदर तहसील क्षेत्र में कोन, छानबे, सिटी, पहाड़ी व मझवां ब्लॉक के हरसिंहपुर, मल्लेपुर, पतारी तिवारी, नान्हुपुर, नौहां, खुटहां मौनस, हीरापट्टी, भटौली, जौसरा, बेदौली कला, बेदौली खुर्द, महड़ौरा, गौरा, महड़ौरा, लालापुर, चक महड़ौरा, आराजी महड़ौरा, देवरी, बिरोही, बिलसड़ी, त्रिलोकपुर, सुखनई, छिल्पी, मवैया, तिलठी, मझरा, चक सेमरा, मिश्रधाप आदि गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इसी तरह चुनार तहसील क्षेत्र के सीखड़, नरायनपुर ब्लॉक के अलावा चुनार नगर पालिका क्षेत्र से जुड़े मझरा कला, पसियाही, रामगढ़ कला, पिपराही, धन्नूपुर, मझरा खुर्द, दीनानाथ उर्फ रतनपुर, धनैता, कांतापुर, प्रेमापुर, बगही, गांगपुर, भवानीपुर, बघेड़ी, बघेडा, मनिकपुरा, शिवपुर, दामोदर पट्टी, चितरहा व केशवपुर आदि ग्राम पंचायतों में बाढ़ के पानी से फसलें प्रभावित हुई हैं।

उधर, केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए उन्होंने एसडीएम चुनार को जरूरी निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से प्रभावित किसानों की फसलों का लेखपाल से क्षति का आकलन कराकर क्षतिपूर्ति कराने का निर्देश दिया। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बाढ़ चौकियों पर बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए समुचित व्यवस्था कराने तथा बाढ़ की स्थिति खत्म होने के बाद संचारी रोगों से बचाव के लिए पहले से ही व्यवस्था कराने का भी निर्देश दिया। केेंद्रीय राज्य मंत्री ने बाढ़ प्रभावित सहसपुरा और बघेड़ी गांव का दौरा किया। मनिकपुरा गांव के किसानों की पिछले साल बाढ़ से हुई क्षति का अभी तक मुआवजा नहीं मिलने की बात कही। निरीक्षण के दौरान एसडीएम चुनार राजेश कुमार वर्मा, मेघनाथ सिंह पटेल, अनिल सिंह पटेल अरुणेश सिंह पटेल, रामलौटन बिंद आदि मौजूद रहे।केंद्रीय राज्य मंत्री ने चुनार तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का भी दौरा किया। उन्होंने गंगा के तटीय इलाकों के बगही, धरम्मरपुर, बघेडी, पचेवरा आदि गांवों का दौरा कर तहसील के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान देने का निर्देश दिया। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मियों को उन्होंने दायित्वों का निर्वहन ठीक ढंग से करने का निर्देश दिया। आगाह किया कि इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तहसील अधिकारियों को बाढ़ से फसलों की क्षति का आकलन कराकर सूची तैयार करते रहने का निर्देश दिया। ताकि किसानों को समय से क्षतिपूर्ति दिलाई जा सके। एसडीएम राजेश कुमार वर्मा व तहसीलदार योगेंद्र शरण शाह को उन्होंने जरूरत के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था कराने का भी निर्देश दिया। उधर, जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित भटौली गांव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व, कृषि तथा उद्यान विभाग की संयुक्त टीम गठित कर बाढ़ से फसलों की क्षति का आकलन कर 24 घंटे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उधर, तहसील से प्राप्त सूचना के अनुसार सदर तहसील क्षेत्र में 95 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ से प्रभावित है, जबकि चुनार तहसील क्षेत्र में 70 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई फसलों को क्षति पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
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