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डा. लोहिया के आदर्शों पर चलें
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Tue, 24 Mar 2015 12:56 AM IST
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समाजवादी पार्टी कार्यालय लोहिया ट्रस्ट में सोमवार को पदाधिकारियाें द्वारा डा. राम मनोहर लोहिया की 105वीं जयंती मनाई गई। इस दौरान सभी नेताओं ने उनके चित्र पर मार्ल्यापण व पुष्प अर्पित किया।
गोष्ठी में जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव ने कहा कि डा. लोहिया देश की राजनीति में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद कुछ प्रमुख नेताओं में से एक थे।
उन्होंने अपने दम पर शासन का रुख बदल दिया था। वह समाजवादी विचारधारा के उग्र प्रवक्ता थे। उनका अपना अस्तित्व संघर्षाें के बीच निखरा था।
डा. लोहिया हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके विचार हमारे आदर्श हैं। उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष डा. ध्रुवजी पांडेय ने कहा कि डा. लोहिया ने राज्य को समाज का केंद्र बिंदु कभी नहीं माना।
जिला सचिव रामजी मौर्या ने कहा कि उन्होंने गोवा मुक्ति अभियान चला कर गोवा को भारत में मिलाने का काम किया।
प्रो. रमेश चन्द्र ओझा ने कहा कि उनका मानना था कि सरकारों को अपने काम का ढिंढोरा नहीं पीटना चाहिए। सरकार को नहीं बल्कि उनके काम को बोलना चाहिए।
गोष्ठी में जिलाध्यक्ष शिवशंकर सिंह यादव ने कहा कि डा. लोहिया देश की राजनीति में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद कुछ प्रमुख नेताओं में से एक थे।
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उन्होंने अपने दम पर शासन का रुख बदल दिया था। वह समाजवादी विचारधारा के उग्र प्रवक्ता थे। उनका अपना अस्तित्व संघर्षाें के बीच निखरा था।
डा. लोहिया हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके विचार हमारे आदर्श हैं। उनके दिखाए रास्ते पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष डा. ध्रुवजी पांडेय ने कहा कि डा. लोहिया ने राज्य को समाज का केंद्र बिंदु कभी नहीं माना।
जिला सचिव रामजी मौर्या ने कहा कि उन्होंने गोवा मुक्ति अभियान चला कर गोवा को भारत में मिलाने का काम किया।
प्रो. रमेश चन्द्र ओझा ने कहा कि उनका मानना था कि सरकारों को अपने काम का ढिंढोरा नहीं पीटना चाहिए। सरकार को नहीं बल्कि उनके काम को बोलना चाहिए।