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लोक अदालत में 1637 मुकदमों का निस्तारण
ब्यूरो, मिर्जापुर, अमर उजाला
Updated Sun, 09 Aug 2015 12:50 AM IST
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 1637 मुकदमों का निस्तारण हुआ और एक लाख, 78 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया गया। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन पर आयोजित लोक अदालत के दौरान बैंक ऋण के 806 मामलों का निस्तारण किया गया तथा 370.92 लाख रुपये में समझौता बकाएदारों से हुए।
मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अली जामिन ने दीप प्रज्जवलित कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अली जामिन ने पांच रिकवरी वाद सुलह-समझौता के माध्यम से निस्तारित किए।
अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्र ने एक मोटर दुर्घटना वाद निस्तारित किए और पीड़ित को चार लाख, 35 हजार रुपया दिलाए।
अपर जिला जज देवेंद्र सिंह ने दो मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद तथा 26 विद्युत अधिनियम निस्तारित किए। प्रधान न्यायाधीश परिवार पृथ्वी पाल यादव ने 12 भरण-पोषण के मामले सुलह-समझौता के आधार पर निस्तारित किए।
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सचिव सिविल जज सीडि. राम प्रताप सिंह ने छह दीवानी वाद निस्तारित किए और पांच सक्सेशन वाद निस्तारित किए तथा 37,37,,024 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए।
लोक अदालत में बैंकों के शिविर लगे हुए थे। इनमें इलाहाबाद बैंक, विजया बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक आदि रहे। विजया बैंक के शाखा प्रबंधक सतीश कैलाश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक शशि कुमार सिन्हा कैंप में शामिल रहे।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1637 मुकदमों का निस्तारण हुआ और एक लाख, 78 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया गया। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन पर आयोजित लोक अदालत के दौरान बैंक ऋण के 806 मामलों का निस्तारण किया गया तथा 370.92 लाख रुपये में समझौता बकाएदारों से हुए।
मासिक राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अली जामिन ने दीप प्रज्जवलित कर किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अली जामिन ने पांच रिकवरी वाद सुलह-समझौता के माध्यम से निस्तारित किए।
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अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मिश्र ने एक मोटर दुर्घटना वाद निस्तारित किए और पीड़ित को चार लाख, 35 हजार रुपया दिलाए।
अपर जिला जज देवेंद्र सिंह ने दो मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद तथा 26 विद्युत अधिनियम निस्तारित किए। प्रधान न्यायाधीश परिवार पृथ्वी पाल यादव ने 12 भरण-पोषण के मामले सुलह-समझौता के आधार पर निस्तारित किए।
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सचिव सिविल जज सीडि. राम प्रताप सिंह ने छह दीवानी वाद निस्तारित किए और पांच सक्सेशन वाद निस्तारित किए तथा 37,37,,024 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए।
लोक अदालत में बैंकों के शिविर लगे हुए थे। इनमें इलाहाबाद बैंक, विजया बैंक, यूको बैंक, यूनियन बैंक आदि रहे। विजया बैंक के शाखा प्रबंधक सतीश कैलाश कुमार, वरिष्ठ प्रबंधक शशि कुमार सिन्हा कैंप में शामिल रहे।