{"_id":"681271ce6be468791d04cc69","slug":"devotees-reached-vindhya-dham-to-perform-mundan-and-upnayan-sanskar-on-akshaya-tritiya-mirzapur-news-c-192-1-svns1034-133088-2025-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: अक्षय तृतीया पर मुंडन व उपनयन संस्कार कराने विंध्य धाम पहुंचे भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: अक्षय तृतीया पर मुंडन व उपनयन संस्कार कराने विंध्य धाम पहुंचे भक्त
विज्ञापन
विंध्याचल। अक्षय तृतीया पर बुधवार को मां विंध्यवासिनी मंदिर श्रद्धालुओं से पटा रहा। हर कोई परिवार के साथ माता की एक झलक पाने के लिए बेताब रहा। गर्भगृह व झांकी दर्शन के लिए जाने वाले मार्ग पर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। शुभ मुहूर्त होने के चलते मंदिर छत पर देवी भक्त अपने-अपने बच्चों के मुंडन व उपनयन संस्कार कराने में जुटे रहे।
मां विंध्यवसिनी के दर्शन से पहले अधिकांश देवी भक्तों ने गंगास्नान किया। इस दौरान विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। माता के भव्य स्वरूप के दर्शन के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया। यह देर सायं काल तक जारी रहा। घंटा, घड़ियाल शंख व पहाड़ा वाली के जयकारे से मंदिर सहित धाम की विभिन्न गलियां गूंजती रहीं। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दूर-दराज से आए भक्त गंगा स्नान करने के बाद देवी धाम पहुंचे। मां का गुड़हल, गुलाब, पुष्पों और रजत मणि के आभूषणों से शृंगार हुआ था। दर्शन पाकर भक्त भाव विभोर उठे। किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में जाकर दर्शन पूजन किया। भक्तों ने मंदिर में विराजमान महाकाली, मां दुर्गा, पंचमुखी महादेव, मां सरस्वती देवी, मां शीतला, महालक्ष्मी, दक्षिण मुखी हनुमान, राधा कृष्ण, अन्नपूर्णा देवी, बटुक भैरव सहित अन्य मंदिरों में शीश नवाया। इस दौरान श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी व मंत्री भानु पाठक सहित समाज के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ पुलिसकर्मी देवी दरबार में आने हुए भक्तों की सेवा में लगे रहे।
समितियों के मनमाने ढंग से संचालन पर पंडा समाज ने जताई नाराजगी
विंध्याचल। मंदिर की छत पर मनमानी तरीके से समितियों के संचालन पर पंडा समाज ने नाराजगी जताई है।
अक्षय तृतीया पर बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की छत पर बच्चों का जनेऊ संस्कार कराने पहुंचे। निर्धारित समितियों की ओर से जनेऊ संस्कार कराया जा रहा था। दूसरी तरफ कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में जगह-जगह आसन लगाकर रसीद काटकर जनेऊ संस्कार कराया जा रहा था। इसके अलावा रकम भी वसूल की जा रही थी। मनमानी तरीके से चल रहे कार्य पर पंडा समाज ने नाराजगी व्यक्त की। श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि समाज की तीन समितियां हैं। ये श्रद्धालुओं के बच्चों का यज्ञोपवीत, जनेऊ संस्कार कराती हैं। मंदिर की छत पर मनमानी तरीके से समितियों के संचालन पर पंडा समाज ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मां विंध्यवसिनी के दर्शन से पहले अधिकांश देवी भक्तों ने गंगास्नान किया। इस दौरान विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। माता के भव्य स्वरूप के दर्शन के लिए भोर से ही श्रद्धालुओं के आने का क्रम शुरू हो गया। यह देर सायं काल तक जारी रहा। घंटा, घड़ियाल शंख व पहाड़ा वाली के जयकारे से मंदिर सहित धाम की विभिन्न गलियां गूंजती रहीं। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। दूर-दराज से आए भक्त गंगा स्नान करने के बाद देवी धाम पहुंचे। मां का गुड़हल, गुलाब, पुष्पों और रजत मणि के आभूषणों से शृंगार हुआ था। दर्शन पाकर भक्त भाव विभोर उठे। किसी ने झांकी से तो किसी ने गर्भगृह में जाकर दर्शन पूजन किया। भक्तों ने मंदिर में विराजमान महाकाली, मां दुर्गा, पंचमुखी महादेव, मां सरस्वती देवी, मां शीतला, महालक्ष्मी, दक्षिण मुखी हनुमान, राधा कृष्ण, अन्नपूर्णा देवी, बटुक भैरव सहित अन्य मंदिरों में शीश नवाया। इस दौरान श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी व मंत्री भानु पाठक सहित समाज के पदाधिकारी एवं सदस्यों के साथ पुलिसकर्मी देवी दरबार में आने हुए भक्तों की सेवा में लगे रहे।
विज्ञापन
समितियों के मनमाने ढंग से संचालन पर पंडा समाज ने जताई नाराजगी
विंध्याचल। मंदिर की छत पर मनमानी तरीके से समितियों के संचालन पर पंडा समाज ने नाराजगी जताई है।
अक्षय तृतीया पर बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर की छत पर बच्चों का जनेऊ संस्कार कराने पहुंचे। निर्धारित समितियों की ओर से जनेऊ संस्कार कराया जा रहा था। दूसरी तरफ कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में जगह-जगह आसन लगाकर रसीद काटकर जनेऊ संस्कार कराया जा रहा था। इसके अलावा रकम भी वसूल की जा रही थी। मनमानी तरीके से चल रहे कार्य पर पंडा समाज ने नाराजगी व्यक्त की। श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि समाज की तीन समितियां हैं। ये श्रद्धालुओं के बच्चों का यज्ञोपवीत, जनेऊ संस्कार कराती हैं। मंदिर की छत पर मनमानी तरीके से समितियों के संचालन पर पंडा समाज ने नाराजगी जताई।
विज्ञापन