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खनन इलाके में पहुंची टीम, क्रशर प्लांटों के दस्तावेज की हुई जांच
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अहरौरा। मानक के विपरीत और अवैध रूप से पर्याप्त खनन दस्तावेजों को दरकिनार कर क्षेत्र में चलाए जा रहे क्रशर प्लांटों की लगातार मिल रही शिकायतों पर रविवार की दोपहर अपर आयुक्त और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने दर्जनों खनन स्थलों तथा क्रशर प्लांटों पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खनन इलाके में हड़कंप मच गया। क्रशर प्लांट संचालक प्लांट को बंदकर मौके से निकल गए।
इस दौरान धुरिया, जिगना, कंचनपुर, मदापुर इलाके के दर्जनों क्रशर प्लांटों पर पहुंचकर जांच की कार्यवाही की गई। आयुक्त द्वारा खनन के संबंध में गठित की गई जांच टीम जैसे ही जिगना इलाके के क्रशर बेल्ट में पहुंची कि खनन व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। ज्यादातर क्रशर प्लांट संचालक प्लांट बंद करके मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान टीम को तीन क्रशर प्लांट संचालकों ने खनन दस्तावेज दिखाए। अन्य बंद क्रशर प्लांटों पर मुंशी और कर्मचारी ही मिले। जिस पर टीम ने नाराजगी जताते हुए कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।
जांच के दौरान मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्रशर प्लांटों से निकलने वाले धूल के कणों से फसलें बर्बाद हो रही है। ओवरलोड ट्रकों के संचालन से सड़कें लगातार टूटती जा रही है। जिसका क्रशर व्यवसायियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई परिणाम नजर नहीं आ रहा है जो चिंता का विषय है। जब भी कोई पीड़ित ग्रामीण क्रशर प्लांट संचालकों का विरोध करता है तो उसे डरा धमका कर चुप करा दिया जाता है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए टीम ने कई क्रशर प्लांटों पर पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा कई प्लांट संचालकों को प्लांट के कागजात सहित समय से उपस्थित होने के लिए तलब किया है। इस संबंध में टीम मे शामिल अपर आयुक्त रमेश चंद्र ने कहा कि किसी भी दशा में अवैध क्रशर प्लांट नहीं चलने दिया जाएगा। तथा ओवरलोड ट्रक संचालकों के विरुद्ध सख्त और कड़ी कार्यवाही की जाएगी। खनिज निरीक्षक आशीष द्विवेदी ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को कार्यवाही का भरोसा देते हुए उनकी समस्याओं का निस्तारण समय से किये जाने का आश्वासन दिया है।
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इस दौरान धुरिया, जिगना, कंचनपुर, मदापुर इलाके के दर्जनों क्रशर प्लांटों पर पहुंचकर जांच की कार्यवाही की गई। आयुक्त द्वारा खनन के संबंध में गठित की गई जांच टीम जैसे ही जिगना इलाके के क्रशर बेल्ट में पहुंची कि खनन व्यवसायियों में हड़कंप मच गया। ज्यादातर क्रशर प्लांट संचालक प्लांट बंद करके मौके से फरार हो गए। जांच के दौरान टीम को तीन क्रशर प्लांट संचालकों ने खनन दस्तावेज दिखाए। अन्य बंद क्रशर प्लांटों पर मुंशी और कर्मचारी ही मिले। जिस पर टीम ने नाराजगी जताते हुए कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।
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जांच के दौरान मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्रशर प्लांटों से निकलने वाले धूल के कणों से फसलें बर्बाद हो रही है। ओवरलोड ट्रकों के संचालन से सड़कें लगातार टूटती जा रही है। जिसका क्रशर व्यवसायियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई परिणाम नजर नहीं आ रहा है जो चिंता का विषय है। जब भी कोई पीड़ित ग्रामीण क्रशर प्लांट संचालकों का विरोध करता है तो उसे डरा धमका कर चुप करा दिया जाता है। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए टीम ने कई क्रशर प्लांटों पर पहुंचकर संबंधित दस्तावेजों की जांच की तथा कई प्लांट संचालकों को प्लांट के कागजात सहित समय से उपस्थित होने के लिए तलब किया है। इस संबंध में टीम मे शामिल अपर आयुक्त रमेश चंद्र ने कहा कि किसी भी दशा में अवैध क्रशर प्लांट नहीं चलने दिया जाएगा। तथा ओवरलोड ट्रक संचालकों के विरुद्ध सख्त और कड़ी कार्यवाही की जाएगी। खनिज निरीक्षक आशीष द्विवेदी ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को कार्यवाही का भरोसा देते हुए उनकी समस्याओं का निस्तारण समय से किये जाने का आश्वासन दिया है।
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