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ठगी करने वाले छह गिरफ्तार
mirzapur
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:13 AM IST
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आरोपियों के संग एसपी
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घर में गड़ा लाखों का धन निकालने का लालच देकर एक व्यक्ति से ठगी की साजिश के मामले में विंध्याचल पुलिस ने छह लगों को गिरफ्तार किया है। इनको शुक्रवार की रात कंतित मोहल्ल के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से तीन नकली सोने की सिल्ली, दो गिलट का सिक्का, एक नारियल तथा एक काला जहरीला सांप बरामद किया है। सभी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने पुलिस लाइन में शनिवार को मीडिया को बताया कि चील्ह थाना क्षेत्र के चेकसारी गांव निवासी ताराशंकर तिवारी 22 जून को अपने छह साथियों के साथ विंध्याचल थाना क्षेत्र के सुराज पांडेय के यहां पहुंचा। उन्होेंने ने सुराज को बताया कि आपके मकान में सोना गड़ा है जिसे वे आसानी से निकाल सकते हैं। इसके बदले में उन्होंने मकान मलिक से सात लाख रुपये की मांग की। पहले तो सुराज को उनपर विश्वास नहीं हुआ लेकिन ठगों ने भूत-प्रेत का भय दिखाकर उन्हें भ्रमित कर दिया। सुराज के तैयार होते ही ठगों ने देर रात जमीन खोदना शुरू किया और भोर में तीन बजे तक तीन फीट गड्ढा खोद दिया। उसी बीच एक ठग ने सुराज को बाहर पानी लाने के लिए भेज दिया। मौका पाकर पास में रखे चार फीट लंबे काले सांप को गड्ढे में डाल दिया। जब सुराज पानी लेकर लौटा तो पानी को गड्ढे से मिट्टी निकालने को कहा। वह मिट्टी निकाल रहा था कि सांप उसके हाथ में लिपट गया। ठगों ने उसे बताया कि चिंता की कोई बात नहीं यह खजाने का रखवाला है और यह तय हो गया कि खजाना यहीं है। उनके झांसे में फंसे सुुराज को भी यकीन हो गया कि खजाना सच में निकलने वाला है। कुछ देर बाद गड्ढे से तीन नकली सोने की सिल्ली बरामद हुई। जिसकी कीमत 50 लाख बताई गई।
एक नारियल भी मिला जिसमें लिपटे सफेद धागे को पकड़कर सुराज से कहा कि जहां उसने अपने सारे पैसे रखे हैं, वहां तक जाए। उनकी इस बात से सुुराज को शक हुआ। उसने घर वालों के सहयोग से ठगों को पकड़ लिया। उनकी धुनाई की और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर कोतवाल अजय श्रीवास्तव को देखते ही ताराशंकर वहां से भाग निकला। पुलिस ने अन्य छह आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में शिवपाल सिंह निवासी अतरहट, थाना चिल्ला, जिला बांदा, रमेश दूबे निवासी कादीपुर कोतवाली, प्रतापगढ़, सुरेंद्र पांडेय निवासी शिवकटरा चेकरी, कानपुर नगर, प्रभाकर सिंह निवासी बहुचरा, लालगंज, प्रतापगढ़, राम प्रताप कोरी निवासी रतनपुर थाना बकेकर जिला फतेहपुर, क्रांता तिवारी निवासी जंघई, थाना मीरगंज जिला जौनपुर शामिल हैं।
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पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने पुलिस लाइन में शनिवार को मीडिया को बताया कि चील्ह थाना क्षेत्र के चेकसारी गांव निवासी ताराशंकर तिवारी 22 जून को अपने छह साथियों के साथ विंध्याचल थाना क्षेत्र के सुराज पांडेय के यहां पहुंचा। उन्होेंने ने सुराज को बताया कि आपके मकान में सोना गड़ा है जिसे वे आसानी से निकाल सकते हैं। इसके बदले में उन्होंने मकान मलिक से सात लाख रुपये की मांग की। पहले तो सुराज को उनपर विश्वास नहीं हुआ लेकिन ठगों ने भूत-प्रेत का भय दिखाकर उन्हें भ्रमित कर दिया। सुराज के तैयार होते ही ठगों ने देर रात जमीन खोदना शुरू किया और भोर में तीन बजे तक तीन फीट गड्ढा खोद दिया। उसी बीच एक ठग ने सुराज को बाहर पानी लाने के लिए भेज दिया। मौका पाकर पास में रखे चार फीट लंबे काले सांप को गड्ढे में डाल दिया। जब सुराज पानी लेकर लौटा तो पानी को गड्ढे से मिट्टी निकालने को कहा। वह मिट्टी निकाल रहा था कि सांप उसके हाथ में लिपट गया। ठगों ने उसे बताया कि चिंता की कोई बात नहीं यह खजाने का रखवाला है और यह तय हो गया कि खजाना यहीं है। उनके झांसे में फंसे सुुराज को भी यकीन हो गया कि खजाना सच में निकलने वाला है। कुछ देर बाद गड्ढे से तीन नकली सोने की सिल्ली बरामद हुई। जिसकी कीमत 50 लाख बताई गई।
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एक नारियल भी मिला जिसमें लिपटे सफेद धागे को पकड़कर सुराज से कहा कि जहां उसने अपने सारे पैसे रखे हैं, वहां तक जाए। उनकी इस बात से सुुराज को शक हुआ। उसने घर वालों के सहयोग से ठगों को पकड़ लिया। उनकी धुनाई की और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर कोतवाल अजय श्रीवास्तव को देखते ही ताराशंकर वहां से भाग निकला। पुलिस ने अन्य छह आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों में शिवपाल सिंह निवासी अतरहट, थाना चिल्ला, जिला बांदा, रमेश दूबे निवासी कादीपुर कोतवाली, प्रतापगढ़, सुरेंद्र पांडेय निवासी शिवकटरा चेकरी, कानपुर नगर, प्रभाकर सिंह निवासी बहुचरा, लालगंज, प्रतापगढ़, राम प्रताप कोरी निवासी रतनपुर थाना बकेकर जिला फतेहपुर, क्रांता तिवारी निवासी जंघई, थाना मीरगंज जिला जौनपुर शामिल हैं।
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