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गैरजमानती वारंट में पूर्व सांसद कोर्ट में हुए पेश
ब्यूरो/ अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:27 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : Demo
सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में जारी गैर जमानती वारंट के मामले में पूर्व सांसद बालकुमार पटेल समेत चार लोग बुधवार को अदालत में हाजिर हुए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपियों ने गैर जमानती वारंट को निरस्त करने के लिए आवेदन किया। वर्ष 2009 की एक सितंबर को कोतवाली शहर के अंतर्गत कचहरी परिसर के सामने समाजवादी पार्टी के लोगों ने जिलाध्यक्ष रहे आशीष यादव के नेतृत्व में एकजुट हो कर लगभग 150 समर्थकों के साथ ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों को धक्का देते हुए सरकारी होर्डिँग को तोड़ा था। सिटी मजिस्ट्रेट के मना करने के बाद भी सपा कार्यकर्ता नहीं माने।
इतना ही नहीं कार्यकर्ता हल्ला बोल का नारा लगाते हुए पुलिस के विरोध के बाद भी प्रदर्शन करते रहे। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सिटी कोतवाली ओमप्रकाश चौधरी ने पुलिस फोर्स के साथ प्रदर्शनकारियों को रोका तथा 13 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था।
आरोप पत्र आने के बाद आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए जिसको न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए सभी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया था, जिसमें कई आरोपियों ने पहले ही जमानत करा लिया था।
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बुधवार को पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, नाहर यादव, अरविंद सिंह यादव तथा पंकज उपाध्याय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामप्रताप सिंह राणा की अदालत में उपस्थित हो कर वारंट रिकाल करने के लिए आवेदन किया। अदालत ने सभी को कस्टडी में लेकर सुनवाई की। अदालत ने आदेश किया कि आरोपी अग्रिम तारीखों पर न्यायालय में उपस्थित रहेंगे। 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर अदालत ने सभी को रिहा कर दिया। उधर, अदालत में पूर्व सांसद समेत चार लागों की पेशी को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए थ्ाे। जबकि ऐसा कुछ हुआ नहीं। वहीं लोग अदालत में आना जाना लगाए हुए थे और उनके बारे में जानकारी भी ले रहे थे।
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इतना ही नहीं कार्यकर्ता हल्ला बोल का नारा लगाते हुए पुलिस के विरोध के बाद भी प्रदर्शन करते रहे। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सिटी कोतवाली ओमप्रकाश चौधरी ने पुलिस फोर्स के साथ प्रदर्शनकारियों को रोका तथा 13 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था।
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आरोप पत्र आने के बाद आरोपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए जिसको न्यायालय ने संज्ञान में लेते हुए सभी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया था, जिसमें कई आरोपियों ने पहले ही जमानत करा लिया था।
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बुधवार को पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल, नाहर यादव, अरविंद सिंह यादव तथा पंकज उपाध्याय ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामप्रताप सिंह राणा की अदालत में उपस्थित हो कर वारंट रिकाल करने के लिए आवेदन किया। अदालत ने सभी को कस्टडी में लेकर सुनवाई की। अदालत ने आदेश किया कि आरोपी अग्रिम तारीखों पर न्यायालय में उपस्थित रहेंगे। 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके पर अदालत ने सभी को रिहा कर दिया। उधर, अदालत में पूर्व सांसद समेत चार लागों की पेशी को देखते हुए सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए थ्ाे। जबकि ऐसा कुछ हुआ नहीं। वहीं लोग अदालत में आना जाना लगाए हुए थे और उनके बारे में जानकारी भी ले रहे थे।