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मौत का गुस्सा शराब के ठेके पर, तोड़फोड़
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:14 AM IST
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शराब की दूकान पर हंगामा
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सेमरी गांव में शराब पीकर लड़ाई कर रहे बेटों ने बीचबचाव करने आए पिता को धक्का दे दिया, जिससे गिरने से उसकी मौत हो गई। इससे नाराज महिलाओं ने गुरुवार की सुबह लाठी-डंडा लेकर शराब के ठेके पर धावा बोल दिया। दूकान में तोड़फोड़ करने के बाद बरैनी-भैंसा मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। पुलिस ने महिलाओं को समजाने की कोशिश की लेकिन वे दूकान बंद करने का लिखित आश्वासन लिए बगैर वहां से जाने को तैयार नहीं थीं। शाम को पुलिस ने शराब जब्त कर थाने ले आई और दूकान में ताला लगवा दिया। उसके बाद जाम समाप्त हुआ।
सेमरी गांव निवासी कैलाश बिंद का लड़का खुशहाल बुधवार की शाम गांव की दूकान से शराब पीकर घर पहुंचा। किसी बात को लेकर अपने भाई खुशियाल से विवाद करने लगा। बेटो को मारपीट करता देख कैलाश बीच बचाव करने पहुंचा तो उसे एक ने धक्का दे दिया जिससे गिरकर उसकी मौत हो गई। कैलाश के मौत की खबर लगते ही ग्रामीण नाराज हो गए। गुरुवार की सुबह किसी ने बताया कि हाइवे पर बंद कराई गई अंग्रेजी शराब की दूकान को भी गांव में खोला जा रहा है तो ग्रामीण भड़क गए। लाठी डंडा लेकर दूकान बंद करने पहुंच गए। महिलाए भी पीछे नहीं रही और वह भी लाठी डंडा लेकर शराब के ठेके पर धमक पड़ी।
दूकान से तत्काल दूकान बंद करने को कहा तो सेल्समैन ने बंद करने से इंकार कर दिया। जिससे महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और महिला तोड़फोड़ करने लगी। बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। दरवाजा को तोड़ डाला। इसके बाद भैसा बरैनी मार्ग को जाम कर दिया। महिलाओ के उग्र प्रदर्शन को देख सेल्समैन डर गया और तत्काल सौ नंबर तथा कछवां पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। जानकारी होते ही भैसा चौकी इंचार्ज व सौ नंबर पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने बुझाने लगी लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। सुबह से शाम चार बजे तक जाम चलता रहा लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कछवां पुलिस भी महिला पुलिस नहीं होने के चलते मूक दर्शक बनकर देखने को विवश रही।
सेमरी गांव निवासी कैलाश बिंद का लड़का खुशहाल बुधवार की शाम गांव की दूकान से शराब पीकर घर पहुंचा। किसी बात को लेकर अपने भाई खुशियाल से विवाद करने लगा। बेटो को मारपीट करता देख कैलाश बीच बचाव करने पहुंचा तो उसे एक ने धक्का दे दिया जिससे गिरकर उसकी मौत हो गई। कैलाश के मौत की खबर लगते ही ग्रामीण नाराज हो गए। गुरुवार की सुबह किसी ने बताया कि हाइवे पर बंद कराई गई अंग्रेजी शराब की दूकान को भी गांव में खोला जा रहा है तो ग्रामीण भड़क गए। लाठी डंडा लेकर दूकान बंद करने पहुंच गए। महिलाए भी पीछे नहीं रही और वह भी लाठी डंडा लेकर शराब के ठेके पर धमक पड़ी।
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दूकान से तत्काल दूकान बंद करने को कहा तो सेल्समैन ने बंद करने से इंकार कर दिया। जिससे महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और महिला तोड़फोड़ करने लगी। बोर्ड उखाड़कर फेंक दिया। दरवाजा को तोड़ डाला। इसके बाद भैसा बरैनी मार्ग को जाम कर दिया। महिलाओ के उग्र प्रदर्शन को देख सेल्समैन डर गया और तत्काल सौ नंबर तथा कछवां पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। जानकारी होते ही भैसा चौकी इंचार्ज व सौ नंबर पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने बुझाने लगी लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं था। सुबह से शाम चार बजे तक जाम चलता रहा लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। कछवां पुलिस भी महिला पुलिस नहीं होने के चलते मूक दर्शक बनकर देखने को विवश रही।
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