{"_id":"5999d8d54f1c1b28388b4592","slug":"61503254741-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"होटल मालिक ने यातायात प्रभारी की एसपी से की शिकायत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
होटल मालिक ने यातायात प्रभारी की एसपी से की शिकायत
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिर्जापुर। यातायात प्रभारी के व्यवहार से क्षुब्ध होकर सिविल लाइन निवासी एक होटल मालिक ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर उनके विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। बताया कि गत दिनों अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान यातायात प्रभारी ने मेरे नाबालिक पुत्र की पिटाई कर दी थी। जिसको लेकर मोहल्ले के लोगों ने भी कड़ा विरोध जताया था।
बता दें कि गत दिनों अस्पताल रोड से सिविल लाइन तक चले अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत एक होटल मालिक के नाबालिक पुत्र द्वारा नाली के उस पार रखी पटिया को भी तोड़ने का विरोध जताया गया तो यातायात प्रभारी बागीश विक्रम सिंह द्वारा उसे जोरदार थप्पड़ मार दिया गया था। जिसको देखते ही उसके पिता आग बबूला हो गए और मोहल्ले के लोगों ने यातायात प्रभारी के व्यवहार को लेकर कड़ा विरोध जताया था। करीब एक घंटे तक मचे बवाल के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। घटना का वीडियो वायरल होने पर अन्य लोगों ने इसकी कड़ी निंदा की। मामले से क्षुब्ध होटल मालिक ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर यातायात प्रभारी के विरुद्घ कार्रवाई करने की मांग की। कहा कि नाली के आगे अतिक्रमण माना जाता है लेकिन उसकी पटिया के पीछे थी फिर उसे क्यों तोड़ा जा रहा था। अगर मेरे नाबालिक बेटे ने इसका विरोध किया तो उन्होंने उसे थप्पड़ क्यों मारा। हालांकि इस मामले में अभी पुलिस अधीक्षक भी चुप्पी साधे हुए हैं। यातायात प्रभारी के विरुद्घ लोगों का गुस्सा धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। लोगों का आरोप है कि यातायात प्रभारी वाहन चेकिंग के नाम पर वाहनों से वसूली करने का काम कर रहे हैं। देर रात नेशनल हाईवे पर जाकर ट्रकों को रोक कर उनसे वसूली किया जाता है। आटो चालकों ने गत दिनों विरोध जताते हुए कहा था क िसंबधित थाने की पुलिस व यातायात प्रभारी द्वारा प्रति आटो डेढ़ सौ रुपया महीना लिया जाता है। पैसा नहीं देने पर उनका किसी न किसी मामले में चालान कर दिया है। अगर ऐसा है तो नगर में करीब तीन सौ आटो है तो डेढ़ सौ रुपये के हिसाब से कितना पैसा हो गया यह समझा जा सकता है।
विज्ञापन