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आवास की जांच करने गए बीडीओ से की धक्कामुक्की
Updated Sat, 15 Sep 2018 11:49 PM IST
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जमालपुर। मनऊर गांव में रुपये लेकर प्रधानमंत्री आवास का आवंटन करने की शिकायत की जांच करने शनिवार को गांव पहुंचे बीडीओ के साथ अपात्रों ने धक्कामुक्की करते हुए बदसलूकी की। आवास आवंटन कटने के डर से अपात्रों ने हंगामा किया। आवास आवंटन में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आने पर बीडीओ हेमंत कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत अधिकारी को फटकार लगाई।
मनऊर गांव के कुछ ग्रामीणों ने तहसील दिवस पर और मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की थी कि गांव में अपात्रों से रुपये लेकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर दिया गया है। मामले की जांच करने की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह को सौंपी गई थी। खंड विकास अधिकारी शनिवार को मनऊर गांव में प्रधानमंत्री आवासों की जांच करने पहुंचे थे। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास आवंटन में ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक तथा ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से धांधली की गई है। धन लेकर अपात्रों को आवास आवंटन कर दिया गया है। खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों कि शिकायत पर बिंदुवार जांच की। आवास की जांच के दौरान भारी अनियमितता मिली। प्रधानमंत्री आवास पा चुके लाभार्थियों और महिलाओं ने खंड विकास अधिकारी से नोकझोंक किया और हंगामा करने लगे। साथ ही ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास पाने वाले अन्य अपात्रों का नाम बताने लगे और सभी अपात्र लाभार्थियों का भी नाम काटने कि मांग करने लगे। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को बताया कि दो मंजिला मकान, ट्रैक्टर वाले और सरकारी कर्मचारियों को भी आवास दिया गया है। मनऊर ग्राम पंचायत में कुल 84 प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया गया है। इनमें कल्लू, गुड्डू, सुभाष, राजेश सिंह, मुन्नी लाल, चमरू, राजेश विश्वकर्मा इत्यादि कई अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया है। बीडीओ ने कहा कि शासन की मंशानुरूप पात्र व्यक्तियों को ही प्रधानमंत्री आवास का आवंटन किया जाना है। यदि प्रधान, सचिव आदि की ओर से आवास आवंटन में नियमों की अनदेखी करते हुए अपात्रों को आवास दिए गए हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मनऊर गांव के कुछ ग्रामीणों ने तहसील दिवस पर और मुख्य विकास अधिकारी से शिकायत की थी कि गांव में अपात्रों से रुपये लेकर उन्हें प्रधानमंत्री आवास आवंटित कर दिया गया है। मामले की जांच करने की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी हेमंत कुमार सिंह को सौंपी गई थी। खंड विकास अधिकारी शनिवार को मनऊर गांव में प्रधानमंत्री आवासों की जांच करने पहुंचे थे। जांच के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास आवंटन में ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक तथा ग्राम पंचायत अधिकारी की मिलीभगत से धांधली की गई है। धन लेकर अपात्रों को आवास आवंटन कर दिया गया है। खंड विकास अधिकारी ने ग्रामीणों कि शिकायत पर बिंदुवार जांच की। आवास की जांच के दौरान भारी अनियमितता मिली। प्रधानमंत्री आवास पा चुके लाभार्थियों और महिलाओं ने खंड विकास अधिकारी से नोकझोंक किया और हंगामा करने लगे। साथ ही ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास पाने वाले अन्य अपात्रों का नाम बताने लगे और सभी अपात्र लाभार्थियों का भी नाम काटने कि मांग करने लगे। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को बताया कि दो मंजिला मकान, ट्रैक्टर वाले और सरकारी कर्मचारियों को भी आवास दिया गया है। मनऊर ग्राम पंचायत में कुल 84 प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया गया है। इनमें कल्लू, गुड्डू, सुभाष, राजेश सिंह, मुन्नी लाल, चमरू, राजेश विश्वकर्मा इत्यादि कई अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास दे दिया गया है। बीडीओ ने कहा कि शासन की मंशानुरूप पात्र व्यक्तियों को ही प्रधानमंत्री आवास का आवंटन किया जाना है। यदि प्रधान, सचिव आदि की ओर से आवास आवंटन में नियमों की अनदेखी करते हुए अपात्रों को आवास दिए गए हैं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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