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हत्या के जुर्म में दो आजीवन कारावास
Updated Sun, 27 Aug 2017 12:37 AM IST
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मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी विशेष शर्मा ने शनिवार को हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए दो आरोपियों का दोष सिद्ध पाए जाने पर शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक को 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दंडित करते हुए जेल भेज दिया।
अभियोजन अनुसार विंध्याचल थाना क्षेत्र के चौकीदार रामकीर्तन ने 28 अगस्त 2014 को विंध्याचल थाने में तहरीर दी कि सुबह साढ़े छह बजे शौच के लिए महुआडाढ़ पहाड़ी पर गया था। वहां झाड़ी में एक युवक की लाश थी। उसके शरीर पर आसमानी रंग का पैंट व पीले रंग का शर्ट था। हाथ में रक्षा सूत्र बंधा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि रात में युवक की हत्या कर शव को झाड़ी में फेंक दिया गया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। दूसरे दिन अखबार में इसकी खबर देखकर भदोही जनपद के ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के पूरे राजा गांव निवासी उमेश विंध्याचल आया। उसने शव की पहचान अपने भाई विकास के रूप में की। पुलिस को जांच में पता चला कि विकास का सतीश उर्फ बुद्धू तथा शिवमूरत उर्फ जाजा निवासी बड़ाडीह जनपद भदोही के बीच तीन सौ रुपए व आशनाई के चक्कर में विवाद हुआ था। विवाद के बाद सतीश व शिवमूरत विकास को बाइक पर बैठाकर विंध्याचल ले आए और उसकी पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। शव को झाड़ी में में फेंककर भाग गए। पुलिस ने मामले का खुलासा पर सतीश व शिवमूरत को नामजद करके आरोपपत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जय गोविंद उपाध्याय एवं सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रविंद्र कुमार सिंह ने सभी गवाहों को प्रस्तुत कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान एवं अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को सभी धाराओं में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन अनुसार विंध्याचल थाना क्षेत्र के चौकीदार रामकीर्तन ने 28 अगस्त 2014 को विंध्याचल थाने में तहरीर दी कि सुबह साढ़े छह बजे शौच के लिए महुआडाढ़ पहाड़ी पर गया था। वहां झाड़ी में एक युवक की लाश थी। उसके शरीर पर आसमानी रंग का पैंट व पीले रंग का शर्ट था। हाथ में रक्षा सूत्र बंधा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि रात में युवक की हत्या कर शव को झाड़ी में फेंक दिया गया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। दूसरे दिन अखबार में इसकी खबर देखकर भदोही जनपद के ज्ञानपुर कोतवाली क्षेत्र के पूरे राजा गांव निवासी उमेश विंध्याचल आया। उसने शव की पहचान अपने भाई विकास के रूप में की। पुलिस को जांच में पता चला कि विकास का सतीश उर्फ बुद्धू तथा शिवमूरत उर्फ जाजा निवासी बड़ाडीह जनपद भदोही के बीच तीन सौ रुपए व आशनाई के चक्कर में विवाद हुआ था। विवाद के बाद सतीश व शिवमूरत विकास को बाइक पर बैठाकर विंध्याचल ले आए और उसकी पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। शव को झाड़ी में में फेंककर भाग गए। पुलिस ने मामले का खुलासा पर सतीश व शिवमूरत को नामजद करके आरोपपत्र न्यायालय में दिया था। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जय गोविंद उपाध्याय एवं सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रविंद्र कुमार सिंह ने सभी गवाहों को प्रस्तुत कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान एवं अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को सभी धाराओं में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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