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पुलिस ने हत्यारोपी पुत्र को गिरफ्तार कर भेजा जेल
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:03 AM IST
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पिता की हत्या में गिरफ्तार पुत्र अशोक सिंह
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अहरौरा। क्षेत्र के सरिया गांव में शनिवार को पेंशन की रकम से रुपये नहीं देने से नाराज होकर सेवानिवृत्त शिक्षक व पूर्व प्रधान पिता आदित्य सिंह की फावड़े के हमले से हत्या करने वाले आरोपी पुत्र अशोक सिंह को पुलिस ने रविवार को घर के पीछे झाड़ी से गिरफ्तार कर लिया। उसे जेल भेज दिया गया। सेवानिवृत्त की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को छोटे पुत्र प्रमोद ने पिता की अंत्येष्टि की।
सीओ आपरेशन केपी सिंह ने बताया कि सरिया गांव के पूर्व प्रधान और सेवानिवृत्त अध्यापक आदित्य सिंह की गर्दन और सीने पर वार कर पुत्र अशोक ने उनकी हत्या कर दी थी। आरोपी अशोक को पिता की हत्या करने का कोई मलाल नहीं है। पूछताछ उसने पुलिस को बताया कि पिता आदित्य छोटे पुत्र प्रमोद को ज्यादा मानते थे और उसके साथ सौतेला व्यवहार करते थे। यह भी बताया कि पिछले कई महीने से उसके पिता पेंशन की रकम से उसको पैसा नहीं दे रहे थे। अशोक के बीमा का किस्त जमा करने के लिए उसे पैसे चाहिए थे। इसके लिए वह पैसा मांग रहा था लेकिन पिता पैसे नहीं दे रहे थे। इससे क्षुब्ध होकर उसने शनिवार को फावड़े से हमला कर पिता की हत्या कर दी। मृतक आदित्य सिंह अपनी पत्नी रामरागी देवी के संग छोटे पुत्र प्रमोद के साथ ही अलग रहते थे। वह दो बार सरिया गांव का प्रधान चुने गए थे जिससे आदित्य सिंह का गांव में काफी दबदबा था। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद आदित्य के शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। छोटे पुत्र प्रमोद ने नारायनपुर स्थित रायपूरिया घाट पर अपने पिता का अंतिम संस्कार किया।
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सीओ आपरेशन केपी सिंह ने बताया कि सरिया गांव के पूर्व प्रधान और सेवानिवृत्त अध्यापक आदित्य सिंह की गर्दन और सीने पर वार कर पुत्र अशोक ने उनकी हत्या कर दी थी। आरोपी अशोक को पिता की हत्या करने का कोई मलाल नहीं है। पूछताछ उसने पुलिस को बताया कि पिता आदित्य छोटे पुत्र प्रमोद को ज्यादा मानते थे और उसके साथ सौतेला व्यवहार करते थे। यह भी बताया कि पिछले कई महीने से उसके पिता पेंशन की रकम से उसको पैसा नहीं दे रहे थे। अशोक के बीमा का किस्त जमा करने के लिए उसे पैसे चाहिए थे। इसके लिए वह पैसा मांग रहा था लेकिन पिता पैसे नहीं दे रहे थे। इससे क्षुब्ध होकर उसने शनिवार को फावड़े से हमला कर पिता की हत्या कर दी। मृतक आदित्य सिंह अपनी पत्नी रामरागी देवी के संग छोटे पुत्र प्रमोद के साथ ही अलग रहते थे। वह दो बार सरिया गांव का प्रधान चुने गए थे जिससे आदित्य सिंह का गांव में काफी दबदबा था। पुलिस ने रविवार को पोस्टमार्टम के बाद आदित्य के शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। छोटे पुत्र प्रमोद ने नारायनपुर स्थित रायपूरिया घाट पर अपने पिता का अंतिम संस्कार किया।
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