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वृद्ध की हत्या में दो को उम्रकैद
Updated Fri, 08 Sep 2017 12:07 AM IST
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मिर्जापुर। अपर सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट देवकांत शुक्ला ने 12 साल पहले हुई वृद्ध बिहारी लाल की हत्या के जुर्म में दो लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार की दोपहर सजा सुनाते हुए कोर्ट ने प्रत्येक को दस-दस हजार रुपये के जुर्माने से भी दंडित करते हुए जेल भेज दिया। अर्थदंड की आधी राशि मृतक के पुत्र रामचरित को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार पड़री थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव निवासी एवं वादी मुकदमा रामचरित पुत्र बिहारी लाल ने 23 जुलाई 2005 को थाने में तहरीर दिया कि उसके पिता 11 बजे दिन अपने बगीचे की देखभाल के लिए गए थे। उसी समय गांव के नन्हकू यादव की भैंस बगीचे के अंदर घुस गई। इस पर उन्होंने नन्हकू की पत्नी से भैंस को बाहर ले जाने के लिए कहा। जिस पर नन्हकू की पत्नी उसके पिता को गाली देने लगी। शोरगुल होने पर उसने वहां पर देखा कि उसके पिता को नन्हकू व डाक्टर पुत्रगण हरी, हरी पुत्र झुलकुर , बुद्ध पुत्र हरी लाठी डंडे से मारपीट रहे थे। घायल होने पर उन्हें पीएचसी पड़री ले जाया गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हरी तथा उसके तीन पुत्रों के खिलाफ धारा 302, 427,504 भादस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया। मुकदमे के दौरान दो आरोपी बुद्धू और हरी की मौत हो गई। इस मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने सात गवाह प्रस्तुत किए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने हरी यादव के दो पुत्र नन्हकू व डाक्टर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अभियोजन के अनुसार पड़री थाना क्षेत्र के मनोहरपुर गांव निवासी एवं वादी मुकदमा रामचरित पुत्र बिहारी लाल ने 23 जुलाई 2005 को थाने में तहरीर दिया कि उसके पिता 11 बजे दिन अपने बगीचे की देखभाल के लिए गए थे। उसी समय गांव के नन्हकू यादव की भैंस बगीचे के अंदर घुस गई। इस पर उन्होंने नन्हकू की पत्नी से भैंस को बाहर ले जाने के लिए कहा। जिस पर नन्हकू की पत्नी उसके पिता को गाली देने लगी। शोरगुल होने पर उसने वहां पर देखा कि उसके पिता को नन्हकू व डाक्टर पुत्रगण हरी, हरी पुत्र झुलकुर , बुद्ध पुत्र हरी लाठी डंडे से मारपीट रहे थे। घायल होने पर उन्हें पीएचसी पड़री ले जाया गया जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने हरी तथा उसके तीन पुत्रों के खिलाफ धारा 302, 427,504 भादस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दिया। मुकदमे के दौरान दो आरोपी बुद्धू और हरी की मौत हो गई। इस मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार यादव ने सात गवाह प्रस्तुत किए। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने हरी यादव के दो पुत्र नन्हकू व डाक्टर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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