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Shamli News: गिरोहों ने बनाए अपने आईटी सेल, सोशल मीडिया पर चला रहे बदमाशी का नेटवर्क

Wed, 02 Sep 2026 12:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Wed, 02 Sep 2026 12:15 AM IST
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Gangs have set up their own IT cells and are running a network of bullying on social media.
शामली। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली के गिरोह ने सोशल मीडिया पर दहशत फैलाने और अपना वर्चस्व कायम करने के लिए बाकायदा आईटी सेल तैयार कर रखे हैं।
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बीटेक, एमटेक और एमबीए पास युवक इन आईटी सेल की कमान संभाल रहे हैं। कोई फर्जी आईडी तैयार करता है तो कोई गैंग के नाम से धमकी भरी पोस्ट और वीडियो वायरल कराने का काम करता है। अंकित हत्याकांड के बाद शामली पुलिस की ओर से तैयार रिपोर्ट में हरियाणाा, पंजाब, दिल्ली के डिजिटल नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार गोगी, लॉरेंस बिश्नोई, बाबा, नीरज बवाना और टिल्लू गिरोह से जुड़े लोगों ने अपना आईटी नेटवर्क तैयार किया हुआ है। इन गिरोहों के आईटी सेल में तकनीकी जानकारी रखने वाले युवकों को जोड़ा गया है। इनके जरिये गैंग के नाम से सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी तैयार की जाती हैं। इन्हीं आईडी से धमकी भरी पोस्ट और वीडियो डाली जाती हैं। पुलिस के अनुसार, पोस्ट डालने के बाद गिरोह के दूसरे सदस्य उसे अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कराते हैं। इस तरह गैंग के नाम की दहशत ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है। संवाद
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विदेश में बैठे गैंगस्टर, यहां चल रहा नेटवर्क
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरोह के कई सदस्य कनाडा, मलेशिया, इंडोनेशिया और दुबई में बैठकर नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। सोनीपत के मन्नू और चिराग, लॉरेंस गिरोह के सोहन तथा नीरज बवाना गिरोह के लक्की जैसे नाम भी पुलिस की रिपोर्ट में सामने आए हैं। विदेश में बैठे गिरोह के सदस्यों का संपर्क आईटी सेल से जुड़े युवकों से रहता है। सोशल मीडिया पर किस तरह की पोस्ट डालनी है, किसके नाम से धमकी देनी है और उसे किस तरह वायरल कराना है, यह पूरा काम इसी नेटवर्क के जरिये किए जाने की बात सामने आई है।
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पांचवीं-दसवीं पास युवाओं को शूटर बनाते हैं
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार गिरोह के सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर और पांचवीं से दसवीं तक पढ़े युवाओं को निशाना बनाते हैं। रोजगार और पैसे का लालच देकर उन्हें गिरोह में शामिल किया जाता है। इसके बाद एक से पांच लाख रुपये तक देने का लालच देकर उन्हें वारदात के लिए तैयार किया जाता है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए सोनीपत के मोहित और सुमित भी मजदूरी और शराब की बिक्री जैसे काम करते थे। गिरोह में शामिल करने के बाद उन्हें वारदात के लिए तैयार किया गया। पुलिस रिपोर्ट में शूटरों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिए जाने की बात भी सामने आई है।

पश्चिमी यूपी में बढ़ा रहे थे वर्चस्व
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा और पंजाब के बाद गिरोह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपना वर्चस्व बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अंकित हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज होने से अब इन गिरोहों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कार्रवाई बढ़ने के बाद हरियाणा और पंजाब के 10 से अधिक गिरोहों से जुड़े लोगों ने सोशल मीडिया से अपनी धमकी भरी पोस्ट और वीडियो डिलीट कर दीं। इसके बाद नई आईडी बनाकर अपनी और साथियों की फोटो और वीडियो साझा की जा रही हैं। पुलिस इन नई आईडी की भी निगरानी कर रही है और उनके पीछे सक्रिय लोगों की पहचान करने में जुटी है। लॉरेंस, टिल्लू और अन्य गिरोहों से जुड़े सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ पोस्ट डालते रहते हैं। पुलिस को आशंका है कि सोशल मीडिया पर चल रही यह दुश्मनी आगे गैंगवार का रूप ले सकती है।


एसपी बोले- आईटी नेटवर्क पर भी कसेगा शिकंजा
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि गोगी समेत अन्य गिरोहों में प्रोफेशनल कोर्स कर चुके सदस्य शामिल हैं, जो आईटी सेल की कमान संभाल रहे हैं। पुलिस गिरोह के सोशल मीडिया नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली पुलिस के सहयोग से गिरोहों के पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसने की कार्रवाई की जाएगी।
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