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पति का शव देखते ही बेहोश हुई पत्नी
Updated Wed, 28 Jun 2017 12:23 AM IST
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कछवां। देहात कोतवाली क्षेत्र के जौसरा घाट पर हुए नाव हादसे में डूबे बरैनी निवासी कृष्ण मुरारी का शव मंगलवार की शाम दूसरे दिन जैसे ही घर पहुंचा उसे देेखने गांव का हुजूम उमड़ पड़ा। कृष्ण मुरारी की पत्नी दौड़ कर आई और शव से लिपट कर रोने लगी। यह मंजर देख कर सभी की आंखें गमगीन हो गईं। पूरे गांव में मातम छाया रहा। मृतक समेत कई घरों में खाना नहीं बना। हर कोई नाव दुर्घटना पर ही चर्चा करता नजर आया।
बरैनी निवासी कृष्ण मुुरारी का शव घटना स्थल से बरामद होने पर दूसरे दिन उसका पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर जब परिजन शव लेकर परिजनों को दिखाने घर लेकर पहुंचे तो उसकी पत्नी पति का चेहरा देखते ही बिलख पड़ी। रोते रोते कुछ देर बाद वह बेहोश हो गई। पत्नी की हालत देखकर परिवार व रितेश्दारों को अब उसके भविष्य की चिंता सताने लगी है। घटना की जानकारी पाकर मुरारी के घर पर पहुंचे उसके ससुर की हालत भी गंभीर हो गई। बेटे की मौत की खबर सुन बीमार हुई कृष्ण मुरारी की मां सोमवार से ही अस्पताल में भर्ती है। उन्हें जब भी होश आ रहा है तो वह मुरारी को याद कर रही है। उधर भांजी के पिता भी मुंबई से लौटकर बेटी का शव देखते ही विलख पड़े। एक घर में दो दो लाशें देख लोगो के आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। कृष्ण मुरारी के पिता ने आरोप लगाया कि जिले में ना गोताखोर हैं ना ही जाल की व्यवस्था है। गोताखोर अगर होते तो कल ही बेटे को बचाया जा सकता था।
इनसेट
ओवरलोड होने के चलते दस वर्ष पूर्व भी देहात कोतवाली क्षेत्र के जौसरा गांव के पास एक हादसा हुआ था। जिसमे जौसरा गांव के रजिंदर सिंह के घर के लोग भी आर पार के माला चढ़ाने आए और नौका पलट गई थी। हादसे में रजिंदर सिंह की पत्नी डूब गई थी। ऐसे हादसे न हो इसके लिए प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है ।
बरैनी निवासी कृष्ण मुुरारी का शव घटना स्थल से बरामद होने पर दूसरे दिन उसका पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर जब परिजन शव लेकर परिजनों को दिखाने घर लेकर पहुंचे तो उसकी पत्नी पति का चेहरा देखते ही बिलख पड़ी। रोते रोते कुछ देर बाद वह बेहोश हो गई। पत्नी की हालत देखकर परिवार व रितेश्दारों को अब उसके भविष्य की चिंता सताने लगी है। घटना की जानकारी पाकर मुरारी के घर पर पहुंचे उसके ससुर की हालत भी गंभीर हो गई। बेटे की मौत की खबर सुन बीमार हुई कृष्ण मुरारी की मां सोमवार से ही अस्पताल में भर्ती है। उन्हें जब भी होश आ रहा है तो वह मुरारी को याद कर रही है। उधर भांजी के पिता भी मुंबई से लौटकर बेटी का शव देखते ही विलख पड़े। एक घर में दो दो लाशें देख लोगो के आंसू थमने का नाम नही ले रहे थे। कृष्ण मुरारी के पिता ने आरोप लगाया कि जिले में ना गोताखोर हैं ना ही जाल की व्यवस्था है। गोताखोर अगर होते तो कल ही बेटे को बचाया जा सकता था।
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ओवरलोड होने के चलते दस वर्ष पूर्व भी देहात कोतवाली क्षेत्र के जौसरा गांव के पास एक हादसा हुआ था। जिसमे जौसरा गांव के रजिंदर सिंह के घर के लोग भी आर पार के माला चढ़ाने आए और नौका पलट गई थी। हादसे में रजिंदर सिंह की पत्नी डूब गई थी। ऐसे हादसे न हो इसके लिए प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है ।
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