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कोरोनाकाल: नहीं मिल रहा प्रवासियों को काम
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मिर्जापुर। वैश्विक महामारी के इस दौर में प्रवासी मजदूर हांथ पर हांथ धरे बैठे हुए हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट छाया हुआ है। कोरोना कर्फ्यू के चलते कहीं काम भी नहीं मिल पा रहा है। जबकि पिछले वर्ष मई व जून महीने में सिटी, पहाड़ी, छानबे, कोन, लालगंज, जमालपुर, हलिया, नरायनपुर समेत अन्य विकास खंड को मिलाकर मनरेगा के तहत जिले में 32085 प्रवासियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बीच ग्राम पंचायतो में मनरेगा योजना भी बंद हैं। ऐसे में श्रमिक करें तो क्या उनको कुछ सूझ नहीं रहा। ग्राम प्रधानी का चुनाव हो गया। उनको जीत का प्रमाण पत्र आदि भी प्रदान कर दिया गया है। लेकिन शपथ ग्रहण व समितियों के गठन के अभाव में ग्राम प्रधान भी लाचार हैं। शेरवां: कोरोना कर्फ्यू के कारण बाजार व दुकाने बंद है। ऐसे में रोटी के लाले पडे हुए हैं। कोरोना काल के दौरान मनरेगा योजना के तहत गांवों में नाली, नाला की सफाई, चकरोडो पर मिट्टी डालने के कार्य, तालाबों के तटबंधों के मरम्मत के कार्य व जमालपुर विकास खंड में बाढ़ समस्या से निजात दिलाने के लिए तात्कालीन जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी की अति महत्वाकांक्षी योजना भोकानाला की खुदाई के तहत ग्राम पंचायतो में श्रमिको को अच्छी खासी रोजगार उपलब्ध कराया गया था। सरकार का आदेश था कि मनरेगा का कार्य किसी भी दशा में नहीं रूकेगा। लेकिन एक माह से यह योजना भी पूरी तरह से बंद है। जिनके घरों में शादी पड़ी थी।मकान की पेन्टिंग करने का कार्य मिला था।शादी टल जाने से काम बन्द हो गया। खुद व परिवार के भरण पोषण को लेकर श्रमिक परेशान हैं।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बीच ग्राम पंचायतो में मनरेगा योजना भी बंद हैं। ऐसे में श्रमिक करें तो क्या उनको कुछ सूझ नहीं रहा। ग्राम प्रधानी का चुनाव हो गया। उनको जीत का प्रमाण पत्र आदि भी प्रदान कर दिया गया है। लेकिन शपथ ग्रहण व समितियों के गठन के अभाव में ग्राम प्रधान भी लाचार हैं। शेरवां: कोरोना कर्फ्यू के कारण बाजार व दुकाने बंद है। ऐसे में रोटी के लाले पडे हुए हैं। कोरोना काल के दौरान मनरेगा योजना के तहत गांवों में नाली, नाला की सफाई, चकरोडो पर मिट्टी डालने के कार्य, तालाबों के तटबंधों के मरम्मत के कार्य व जमालपुर विकास खंड में बाढ़ समस्या से निजात दिलाने के लिए तात्कालीन जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी की अति महत्वाकांक्षी योजना भोकानाला की खुदाई के तहत ग्राम पंचायतो में श्रमिको को अच्छी खासी रोजगार उपलब्ध कराया गया था। सरकार का आदेश था कि मनरेगा का कार्य किसी भी दशा में नहीं रूकेगा। लेकिन एक माह से यह योजना भी पूरी तरह से बंद है। जिनके घरों में शादी पड़ी थी।मकान की पेन्टिंग करने का कार्य मिला था।शादी टल जाने से काम बन्द हो गया। खुद व परिवार के भरण पोषण को लेकर श्रमिक परेशान हैं।
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