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Mirzapur News: डाॅक्टरों के बीच हुई मारपीट की जांच के लिए कमेटी गठित
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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल में तैनात दो डाक्टरों के बीच मारपीट हो गई। दोनों डाॅक्टरों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए देहात कोतवाली में तहरीर दी है। इस मामले में अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। मेडिकल काॅलेेज के प्राचार्य ने मारपीट के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
मेडिकल काॅलेज के अधीन होने के बाद मंडलीय अस्पताल में कई बड़े ऑपरेशन हुए। इस कारण अस्पताल की साख बढ़ने लगी, परंतु पिछले कुछ महीने से विवाद ही अस्पताल की पहचान बन गई है। अस्पताल में आए दिन कोई न कोई विवाद होता रहता है। इस बीच ओपीडी को लेकर दो डाॅक्टरों के बीच मारपीट की घटना हुई। अस्पताल में एक अधिकारी की पत्नी की मौत होने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। इन विवादों के बीच ही मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर त्यागपत्र दे दिया गया। इसे लेकर लोगों में चर्चा रही। इस बीच चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अरविंद सिन्हा और पूर्व एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। मामला देहात कोतवाली में पहुंचा है। फिलहाल मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। उधर, मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. विश्वजीत दास ने मारपीट के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में सीएमएस डाॅ. एसके श्रीवास्तव, डाॅ. धीरेंद्र तथा डॉ. नंदलाल को शामिल किया गया है।
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पूर्व एसआईसी को किया कार्यमुक्त
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. विश्वजीत दास ने बताया कि अस्पताल में नए डॉक्टर की तैनाती होने और संख्या बढ़ने के कारण मंडलीय अस्पताल के डाॅक्टर को उनके मूल तैनाती वाले स्थल पर भेजा जा रहा है। इसी क्रम में पूर्व एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह को मेडिकल काॅलेज से कार्यमुक्त कर मूल तैनाती वाले स्थल चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग लखनऊ भेजने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। अन्य लोगों को भी कार्यमुक्त कर उनके मूल तैनाती वाले स्थान पर भेजा जाएगा।
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मेडिकल काॅलेज के अधीन होने के बाद मंडलीय अस्पताल में कई बड़े ऑपरेशन हुए। इस कारण अस्पताल की साख बढ़ने लगी, परंतु पिछले कुछ महीने से विवाद ही अस्पताल की पहचान बन गई है। अस्पताल में आए दिन कोई न कोई विवाद होता रहता है। इस बीच ओपीडी को लेकर दो डाॅक्टरों के बीच मारपीट की घटना हुई। अस्पताल में एक अधिकारी की पत्नी की मौत होने के बाद अस्पताल की व्यवस्था को लेकर सवाल उठे। इन विवादों के बीच ही मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर त्यागपत्र दे दिया गया। इसे लेकर लोगों में चर्चा रही। इस बीच चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. अरविंद सिन्हा और पूर्व एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। मामला देहात कोतवाली में पहुंचा है। फिलहाल मामले में मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। उधर, मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. विश्वजीत दास ने मारपीट के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में सीएमएस डाॅ. एसके श्रीवास्तव, डाॅ. धीरेंद्र तथा डॉ. नंदलाल को शामिल किया गया है।
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पूर्व एसआईसी को किया कार्यमुक्त
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. विश्वजीत दास ने बताया कि अस्पताल में नए डॉक्टर की तैनाती होने और संख्या बढ़ने के कारण मंडलीय अस्पताल के डाॅक्टर को उनके मूल तैनाती वाले स्थल पर भेजा जा रहा है। इसी क्रम में पूर्व एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह को मेडिकल काॅलेज से कार्यमुक्त कर मूल तैनाती वाले स्थल चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग लखनऊ भेजने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। अन्य लोगों को भी कार्यमुक्त कर उनके मूल तैनाती वाले स्थान पर भेजा जाएगा।
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