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Mirzapur News: शतरंज चैंपियन दिव्या ने मां के ननिहाल से सीखीं शतरंज की बारीकियां
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महाकुंभ में परिवार के साथ दिव्या।
- फोटो : samvad
मिर्जापुर/सीखड़। दिव्या देशमुख के महिला शतरंज विश्व कप विजेता बनने पर पूरे देश में खुशियां मनाई जा रही हैं। इसी के साथ मिर्जापुर के सीखड़ ब्लॉक का प्रेमापुर गांव भी सुर्खियों में आ गया है। यहां के शर्मा परिवार में भी दिव्या की जीत का जश्न मन रहा है। मिठाइयां बांटी जा रही हैं और गर्व से दिव्या की कहानी बताई जा रही है।
दरअसल दिव्या की मां नम्रता का ननिहाल प्रेमापुर है। नम्रता के ममेरे भाई रोहित शर्मा बताते हैं कि उनके बाबा दो भाई थे राम नरेश और दुर्गा प्रसाद। दुर्गा प्रसाद शर्मा जनहित के आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। वह विनोबा भावे के काफी करीबी थे। उनके पवनार स्थित परमधाम आश्रम में उनका आना-जाना होता था। छोटे दादा दुर्गा प्रसाद भी वहीं बस गए थे। विनोबा भावे और दुर्गा प्रसाद अक्सर शतरंज खेलते देखे जाते थे। कई बार उनके साथ नम्रता भी होती थीं। दिव्या को शतरंज की सीख मां से ही मिली।
रोहित ने बताया कि महाकुंभ के दौरान दिव्या अपनी मां और बड़ी बहन के साथ प्रयागराज आई थी। इसके बाद उसकी मां और बड़ी बहन पिता जटाशंकर शर्मा से मिलने के लिए घर आई थीं। बड़े भाई जय शर्मा नम्रता और दिव्या से मिलने नागपुर गए हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही दिव्या प्रतिभावान थी और उसे शतरंज खेलने का शौक था। उन्होंने कहा कि हमें दिव्या पर गर्व है।
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दरअसल दिव्या की मां नम्रता का ननिहाल प्रेमापुर है। नम्रता के ममेरे भाई रोहित शर्मा बताते हैं कि उनके बाबा दो भाई थे राम नरेश और दुर्गा प्रसाद। दुर्गा प्रसाद शर्मा जनहित के आंदोलनों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते थे। वह विनोबा भावे के काफी करीबी थे। उनके पवनार स्थित परमधाम आश्रम में उनका आना-जाना होता था। छोटे दादा दुर्गा प्रसाद भी वहीं बस गए थे। विनोबा भावे और दुर्गा प्रसाद अक्सर शतरंज खेलते देखे जाते थे। कई बार उनके साथ नम्रता भी होती थीं। दिव्या को शतरंज की सीख मां से ही मिली।
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रोहित ने बताया कि महाकुंभ के दौरान दिव्या अपनी मां और बड़ी बहन के साथ प्रयागराज आई थी। इसके बाद उसकी मां और बड़ी बहन पिता जटाशंकर शर्मा से मिलने के लिए घर आई थीं। बड़े भाई जय शर्मा नम्रता और दिव्या से मिलने नागपुर गए हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही दिव्या प्रतिभावान थी और उसे शतरंज खेलने का शौक था। उन्होंने कहा कि हमें दिव्या पर गर्व है।
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