{"_id":"6422c1bb69371762770ac8d7","slug":"chaitra-navratri-devotees-were-delighted-after-seeing-the-kalaratri-form-of-maa-vindhyavasini-2023-03-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Chaitra Navratri: मां विंध्यवासिनी के कालरात्रि स्वरूप का दर्शन पाकर निहाल हुए भक्त, जयकारों से गूंजा मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chaitra Navratri: मां विंध्यवासिनी के कालरात्रि स्वरूप का दर्शन पाकर निहाल हुए भक्त, जयकारों से गूंजा मंदिर
Tue, 28 Mar 2023 04:00 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 28 Mar 2023 04:00 PM IST
सार
चैत्र नवरात्र के सातवें दिन भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के कालरात्रि स्वरूप का दर्शन पूजन किया। भोर से ही माता के दर्शन के लिए मंदिर की ओर जाने वाली सभी गलियों में जयकारे गूंजने शुरू हो गए।
विज्ञापन
मां विंध्यवासिनी के कालरात्रि स्वरूप का दर्शन पाकर निहाल हुए भक्त
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चैत्र नवरात्र के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं ने मां विंध्यवासिनी के कालरात्रि स्वरूप का दर्शन पूजन किया। भोर से ही माता के दर्शन के लिए मंदिर की ओर जाने वाली सभी गलियों में जयकारे गूंजने शुरू हो गए। दर्शन के लिए भक्तों का रेला लगा रहा। मंगला आरती के बाद मंदिर का कपाट खुलते ही मां विंध्यवासिनी की एक झलक पाने के लिए लोग लाइन में घण्टों लगे रहे।
विज्ञापन
देवी के कालरात्रि स्वरूप का भक्तों ने किया दर्शन पूजन
- फोटो : अमर उजाला
गंगा स्नान के पश्चात श्रद्धालु हांथों में माता का प्रसाद नारियल व चुनरी लिए मंदिर की ओर पहुंच रहे थे। सुबह होते-होते मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से पट गया। भारी भीड़ के बीच किसी ने गर्भगृह तो किसी ने झांकी से ही मां के भव्य स्वरुप का दर्शन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
दर्शन-पूजन के साथ ही न्यू वीआईपी, पुरानी वीआईपी मार्ग के अलावा पक्काघाट मार्ग से मंदिर की ओर पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की ओर से कई इंतजाम किये गए थे। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के पश्चात भक्त पहाड़ पर विराजमान मां काली व अष्टभुजा देवी के दर्शन के लिए भी पहुंचे।