अदलहाट। पैगम्बरे इस्लाम के नवासे हजरत इमाम हुसैन की कर्बला में हुई शहादत की याद में त्याग व बलिदान का पर्व मुहर्रम कोविड-19 का पालन करते हुए चौक पर ताजिया रखकर सादगी के साथ मोहर्रम मनाया गया। क्षेत्र की सबसे बड़ी व पुरानी गरौड़ी गांव स्थित कर्बला में 22 गांवों के ताजियों का फूल कर्बला के मुतवल्ली (अध्यक्ष) अकिलुद्दीन अहमद के हांथो दफन किया गया। शुक्रवार की शाम पांच बजे अदलहाट, हांसापुर, बरेव,मुसेपुर,अशरफा बाद समदपुर, भरूहिया, रसूलपुर,पथरौरा, श्रुतिहार, विसौरा, शिवपुर, हाजीपुर, रस्तोगी तालाब सहित अन्य गांवों के ताजिया दारों ने बिना जुलूस व ताजिये के शांतिपूर्ण ढंग से कर्बला में अपना-अपना फूल व मिट्टी दफन कराया। यहां तक कि कर्बला के पास हर वर्ष की भांति लगने वाला मेला व दुकानें नहीं लगी । इसी क्रम में भुइलीखास व डेढौना कर्बला पर भी क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ताजिया दारों ने अपनी अपनी फूल व मिट्टी को दफन कराया। कछवां, नगर पंचायत में मुस्लिम समुदाय ने कोरोना महामारी के चलते पूरी सादगी के साथ मुहर्रम पर्व मनाया। नगर के बड़ी मस्जिद, दर्जियान व केवटान मोहल्ले में किसी प्रकार का कोई जुलूस आदि नहीं निकाला गया। ताजिया इमामबाड़े में ही रखकर धार्मिक रस्में पूरी की गई। इस दौरान रात में खिचडा़, खीर, पुलाव, शरबत आदि का वितरण किया। इस दौरान आमिर उल्लाह हाशमी, समसुद्दीन, इदरीसी, मुख्तार अंसारी, निजाम शामिल रहे। हलिया, स्थानीय थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय ने किसी तामझाम के चौक पर ही ताजिया रखकर धार्मिक रस्में पूरी की गई। हलिया कस्बा, सोनगढा, राजपुर, मनिगढा, महुगढ, गौरवा, पंवारी खुर्द, धमौली, छतरिहा आदि स्थानों पर मुहर्रम मनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ लालगंज उमाशंकर सिंह, प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।