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ब्राह्मण शास्त्र-शस्त्र दोनों का करें अध्ययन
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 22 Apr 2015 12:32 AM IST
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ब्राह्मण को शास्त्र और शस्त्र दोनों का अध्ययन करना चाहिए। हमें आपसी भेदभाव को भूलकर संगठित स्वरूप में कार्य करने की आवश्यकता है। यह बातें मंगलवार को मुंहकुचवा स्थित विंध्य कोल्ड स्टोरेज परिसर में आयोजित भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम में जूनागढ़ अखाड़े के महंत स्वामी योगानंद गिरी ने कही।
वह अखिल भारतीय ब्राम्हण समाज कल्याण समिति की ओर से आयोजित भगवान परशुराम जयंती पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। भगवान परशुराम के जीवन चरित्र के विभिन्न उद्धरणाें को उद्घृत करते हुए समाज की एकजुटता पर जोर दिया। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त ज्योतिषि डा. रामलाल त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम के प्राकट्य दिवस को जन्मोत्सव के रूप में मनाकर हम एक तरफ भगवान विष्णु के स्वरूप और दूसरी तरफ भगवान शंकर के अनन्य भक्त को याद कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष पं. कैलाश नाथ द्विवेदी ने भगवान पररशुराम के जीवन मूल्याें पर प्रकाश डाला। रामचंद्र शुक्ल, पद्मदेव दूबे, किसुन लाल पांडेय, अभेयदत्त मिश्र आदि ने अपने विचार व्यक्त किया तथा उपेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने अपनी कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान आद्या प्रसाद तिवारी, सुरेश चंद्र पांडेय, माता प्रसाद चौबे, गोवर्धन त्रिपाठी को संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश नाथ द्विवेदी ने माल्यार्पण कर सम्मानित किया। जन्मोत्सव के दौरान डा. वीपी शुक्ल, दिवाकर मिश्र, राकेश द्विवेदी, महेश तिवारी, विनोद शंकर आदि रहे।
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वह अखिल भारतीय ब्राम्हण समाज कल्याण समिति की ओर से आयोजित भगवान परशुराम जयंती पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। भगवान परशुराम के जीवन चरित्र के विभिन्न उद्धरणाें को उद्घृत करते हुए समाज की एकजुटता पर जोर दिया। राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त ज्योतिषि डा. रामलाल त्रिपाठी ने कहा कि भगवान परशुराम के प्राकट्य दिवस को जन्मोत्सव के रूप में मनाकर हम एक तरफ भगवान विष्णु के स्वरूप और दूसरी तरफ भगवान शंकर के अनन्य भक्त को याद कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष पं. कैलाश नाथ द्विवेदी ने भगवान पररशुराम के जीवन मूल्याें पर प्रकाश डाला। रामचंद्र शुक्ल, पद्मदेव दूबे, किसुन लाल पांडेय, अभेयदत्त मिश्र आदि ने अपने विचार व्यक्त किया तथा उपेंद्र नाथ चतुर्वेदी ने अपनी कविता प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान आद्या प्रसाद तिवारी, सुरेश चंद्र पांडेय, माता प्रसाद चौबे, गोवर्धन त्रिपाठी को संस्था के प्रांतीय अध्यक्ष कैलाश नाथ द्विवेदी ने माल्यार्पण कर सम्मानित किया। जन्मोत्सव के दौरान डा. वीपी शुक्ल, दिवाकर मिश्र, राकेश द्विवेदी, महेश तिवारी, विनोद शंकर आदि रहे।
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