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नहीं थम रहा एमडीएम में गड़बड़ी का सिलसिला
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मिर्जापुर। परिषदीय विद्यालयों में बन रहे मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता ठीक न होने से अभिभावकों में आक्रोश है। छात्रों की संख्या व अन्य गड़बड़ियां तो सामान्य हैं लेकिन अब गुणवत्ता से हो रहे खिलवाड़ से लोग आक्रोशित हैं।
शुक्रवार को जिले में हुए वृहद पौधरोपण के सिलसिले में एक जनप्रतिनिधि सिटी ब्लाक के हनुमान पड़रा गांव में गए थी। पौधरोपण के बाद वह उस जगह संचालित परिषदीय विद्यालय में पहुंच गए। उस समय भोजन बना हुआ था। उन्होंने देखा कि अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए गाढ़ी दाल तथा बच्चों के लिए पानी की तरह दाल बनाई गई थी। अभिभावकों ने भी उनसे शिकायत की। इस पर वे नाराज हो गए और अध्यापकों को डांट फटकार के बाद कड़ी चेतावनी दी। हालांकि उन्होंने इस बात की कहीं रिपोर्ट नहीं की। इससे संबंधित लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है। लोगों क। कहना है कि यह कोई एक जगह की बात नहीं है। अधिकांश जगहों पर ऐसा ही हो रहा है। कम उपस्थिति पर अधिक लोगों के नाम एमडीएम पंजिका में दर्ज करना तो पुरानी बात हो गई। अब तो दूध, फल व नित्य बनने वाले भोजन में भी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
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शुक्रवार को जिले में हुए वृहद पौधरोपण के सिलसिले में एक जनप्रतिनिधि सिटी ब्लाक के हनुमान पड़रा गांव में गए थी। पौधरोपण के बाद वह उस जगह संचालित परिषदीय विद्यालय में पहुंच गए। उस समय भोजन बना हुआ था। उन्होंने देखा कि अध्यापकों व कर्मचारियों के लिए गाढ़ी दाल तथा बच्चों के लिए पानी की तरह दाल बनाई गई थी। अभिभावकों ने भी उनसे शिकायत की। इस पर वे नाराज हो गए और अध्यापकों को डांट फटकार के बाद कड़ी चेतावनी दी। हालांकि उन्होंने इस बात की कहीं रिपोर्ट नहीं की। इससे संबंधित लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है। लोगों क। कहना है कि यह कोई एक जगह की बात नहीं है। अधिकांश जगहों पर ऐसा ही हो रहा है। कम उपस्थिति पर अधिक लोगों के नाम एमडीएम पंजिका में दर्ज करना तो पुरानी बात हो गई। अब तो दूध, फल व नित्य बनने वाले भोजन में भी गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
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