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बैंक नहीं ले रहे सिक्के, व्यापारी परेशान

Mon, 12 Jun 2017 11:33 PM IST
mirzapur
mirzapur Updated Mon, 12 Jun 2017 11:33 PM IST
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Bank not taking coins, traders upset
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 जिले में कभी फुटकर पैसे की किल्लत परेशानी का सबब बनता था लेकिन अब वही फुटकर व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। बैंक अब व्यापारियों से सिक्का नहीं ले रहे हैं। छोटे फुटकर दुकानदार इसके लिए परेशान हैं क्योंकि बैंक जाने पर उन्हें उल्टे लौटा दिया जा रहा है। बैंकों में पैसा नहीं जमा होने से कई आवश्यक कार्य नहीं हो पा रहा है। अधिकारी बैंकों में कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहे हैं।

जिले में रोजाना चाय पान, समाचार पत्र और फुटकर दुकानदारी करने वाले व्यापारी इन दिनों परेशान हैं। फुटकर दुकानदारी होने के चलते लोग इन्हें दो चार रुपये रोजाना देते हैं। इससे इनके पास हर रोज हजारों रुपये के सिक्के और नोट एकत्र हो जा रहे हैं। जब ये बड़े व्यापारी के यहां थोक सामान लेने जाते हैँ तो इन्हीं फुटकर पैसों को दे कर सामान लेने की कोशिश करते हैं लेकिन बड़ा व्यापारी यह कह कर उनसे एक दो और पांच दस के सिक्के नोट नहीं ले रहा है कि बैंक इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं। इससे व्यापार में रुकावट पैदा हो रही है। जब फुटकर दुकानदार इन्हें लेकर बैंक जाते हैं तो उन्हें बैरंग लौटा दिया जा रहा है।
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सिक्कों की अधिकता होने की वजह से कई दुकानदार इन सिक्कों के नहीं चलने की अफवाह उड़ा दे रहे हैं जिससे लोग सिक्के न दें। ऐसी अफवाह एक रुपये के छोटे सिक्कों के बारे में उड़ा दी गई है जो कि पूरी तरह से निराधार है। उधर बैंकों की अपनी परेशानी है। कर्मचारियों की कम संख्या होने के कारण सिक्कों को गिनने के परेशानी से  बचने के लिए बैंककर्मी सिक्कों को लेने से कतरा रहे हैं। शहरी इलाकों के बैंकों में तो फिर भी हालत कुछ ठीक है लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थित बैंकों में कर्मचारियों की संख्या काफी कम है जिससे परेशानी अधिक है। फुटकर दुकानदार नीरज अग्रहरी ने बताया कि चाय पान की दुकान होने के कारण काफी फुटकर पैसा प्रतिदिन एकत्र हो जा रहा है। चाय बिस्किट के विक्रेता बसंत का कहना है कि जब थोक में कोई सामान लेने जाते हैं तो दुकानदार फुटकर पैसा नहीं ले रहा है।
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इससे काफी मात्रा में फुटकर इकट्ठा हवो जा रहा है। ग्राहक भी जेब भारी होने की वजह से सिक्के नहीं लेना चाहता है। लीड बैंक मैनेजर दिनकर सिंह ने बताया क‌िबैंकों में कर्मचारियों की संख्या काफी कम है फिर भी यदि सरकार ने सिक्कों की व्यवस्था बनाई हैबतो उसे लेना अनिवार्व्य है। एक हजार रुपये तक के सिक्के आसानी से जमा हो रहे हैं। जो बैंक कर्मी सिक्के न ले रहे हों उसकी शिकायत शाखा प्रबंधक से करें, यदि फिर भी बात नहीं सुनी जाती है तो जोनल ेआफिस को फोन करें।

 जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने कहा है कि कुछ दुकानदार एक रुपये का सिक्का लेने से मना कर रहे हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक के द्वारा एक रुपये का सिक्का न चलने का निर्देश नहीं जारी किया गया है। सिक्का न चलने का कुछ अराजक तत्वों द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। पता चलने पर सिक्का लेने से मना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई निश्चित है।
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