{"_id":"60f072ca8ebc3e8596089d48","slug":"bamboo-will-become-the-gem-of-women-s-makeup-mirzapur-news-vns6006454125","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं के शृंगार का नगीना बनेगा बांस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं के शृंगार का नगीना बनेगा बांस
विज्ञापन
मड़िहान। अब तक महज सूप, दउरी के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला बांस अब आकर्षक गहनों में जड़कर महिलाओं की खूबसूरती बढ़ाएगा। खास बात यह है कि बांस की इस उपयोगिता को अनुसूचित जनजाति की महिलाएं मूर्त रूप देंगी। इसकी तकनीकी जानकारी विशेषज्ञों ने समूह से जुड़ी महिलाओं के साथ साझा की। बृहस्पतिवार को बंबू मिशन की ओर से मड़िहान वन रेंज में आयोजित कार्यशाला में वानस्पतिक विशेषज्ञों ने एक बांस, एक लाख का...नारा बुलंद किया।
वानस्पतिक उत्पाद, प्रसंस्करण एवं विपणन विषयक कार्यशाला में स्वयं सहायता समूह के लोगों को जोड़ने और उत्पादों को बाजार में अच्छे मूल्य दिलाने के लिए जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बांस से अब तक दउरी, सूप, हाथ से बने पंखे ही बनाए जाते रहे हैं। लेकिन, समूह में शामिल जनजाति की महिलाएं अब बांस के आकर्षक गहने भी बनाएंगी। विशेषज्ञों ने बताया कि उत्पाद में कैसे फिनिशिंग लाई जाए ताकि बाजार में उसके अच्छे मूल्य मिल सके। इस दौरान एक बांस, एक लाख का... नारा बुलंद किया गया। अपर प्रमुख वन संरक्षक प्लानिंग एके आचार्य, मुख्य वन संरक्षक परियोजना के इलांगो, मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर मंडल आरसी झा, क्षेत्रीय प्रबंधक वन निगम एपी सिन्हा और प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी के अलावा लगभग 10 जिलों के डीएफओ सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यशाला में वन विभाग की ओर से विशेष तौर पर त्रिपुरा से आमंत्रित बंबू लेडी ऑफ इंडिया नीरा शर्मा ने बांस से बने महिलाओं के शृंगार के सामान और गहनों का प्रदर्शन किया। उन्होंने इसके निर्माण के बारे में समूह के सदस्यों को जानकारी दी। कहा कि बांस से बने गहनों के बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं।
विज्ञापन
वानस्पतिक उत्पाद, प्रसंस्करण एवं विपणन विषयक कार्यशाला में स्वयं सहायता समूह के लोगों को जोड़ने और उत्पादों को बाजार में अच्छे मूल्य दिलाने के लिए जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बांस से अब तक दउरी, सूप, हाथ से बने पंखे ही बनाए जाते रहे हैं। लेकिन, समूह में शामिल जनजाति की महिलाएं अब बांस के आकर्षक गहने भी बनाएंगी। विशेषज्ञों ने बताया कि उत्पाद में कैसे फिनिशिंग लाई जाए ताकि बाजार में उसके अच्छे मूल्य मिल सके। इस दौरान एक बांस, एक लाख का... नारा बुलंद किया गया। अपर प्रमुख वन संरक्षक प्लानिंग एके आचार्य, मुख्य वन संरक्षक परियोजना के इलांगो, मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर मंडल आरसी झा, क्षेत्रीय प्रबंधक वन निगम एपी सिन्हा और प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी के अलावा लगभग 10 जिलों के डीएफओ सहित बड़ी संख्या में अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यशाला में वन विभाग की ओर से विशेष तौर पर त्रिपुरा से आमंत्रित बंबू लेडी ऑफ इंडिया नीरा शर्मा ने बांस से बने महिलाओं के शृंगार के सामान और गहनों का प्रदर्शन किया। उन्होंने इसके निर्माण के बारे में समूह के सदस्यों को जानकारी दी। कहा कि बांस से बने गहनों के बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं।
विज्ञापन