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पिछड़ा आयोग को मिले संवैधानिक अधिकार: सांसद
संवाददाता, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Mon, 22 Dec 2014 12:45 AM IST
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बापू उपरौध इंटर कालेज के मैदान में आल इंडिया सम्यक बैकवर्ड बुद्धिजीवी इम्पलाईज समिति आईसबेस का सम्मेलन रविवार को हुआ।
सम्मेलन में मुख्य अतिथि सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एसी/एसटी की तरह राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को भी संवैधानिक अधिकार दिया जाए।
सांसद ने कहा कि आरक्षण भीख नहीं है दलित, शोषित, पिछड़ों को राष्ट्रहित में जरूरी है। आरक्षण के जन्मदाता छत्रपति शाहूजी महाराज ने 50 प्रतिशत आरक्षण देकर कमजोर शोषितों को आगे बढ़ाया था।
जबकि डा. भीमराव अंबेडकर को सहयोग कर आगे बढ़ाया। उन्होंने संविधान समिति का अध्यक्ष बनकर दलितों, शोषितों कों आरक्षण दिलवाया।
उन्होंने कहा कि आज केंद्र में राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग बन गया है, लेकिन उसको संवैधानिक दर्जा आज तक नहीं मिला है और न ही राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग के पास कोई शक्तियां है।
कार्यक्र्तम में धम्मगुरु श्री अशोकानन्द जी ने कहा कि बैकवर्ड जातियों कों बचाने हेतु बैकवर्ड एक्ट होना चाहिए ताकि पिछड़ी जातियों को सुरक्षा और सम्मान मिल सके।
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पूजींगत जमींदारी के उन्मूलन हेतु सम्यक सीलिंग एक्ट लागू किया जाय। आइसबेस के जिला संयोजक रमाशंकर पटेल ने किया। कार्यक्रम के दौरान लाल बहादुर सिंह, डा. एसपी पटेल, घनश्याम पटेल, भगवान मौर्या, अरुण मौर्या, बाबू लाल आदि मौजूद रहे।
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सम्मेलन में मुख्य अतिथि सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एसी/एसटी की तरह राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग को भी संवैधानिक अधिकार दिया जाए।
सांसद ने कहा कि आरक्षण भीख नहीं है दलित, शोषित, पिछड़ों को राष्ट्रहित में जरूरी है। आरक्षण के जन्मदाता छत्रपति शाहूजी महाराज ने 50 प्रतिशत आरक्षण देकर कमजोर शोषितों को आगे बढ़ाया था।
जबकि डा. भीमराव अंबेडकर को सहयोग कर आगे बढ़ाया। उन्होंने संविधान समिति का अध्यक्ष बनकर दलितों, शोषितों कों आरक्षण दिलवाया।
उन्होंने कहा कि आज केंद्र में राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग बन गया है, लेकिन उसको संवैधानिक दर्जा आज तक नहीं मिला है और न ही राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग के पास कोई शक्तियां है।
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कार्यक्र्तम में धम्मगुरु श्री अशोकानन्द जी ने कहा कि बैकवर्ड जातियों कों बचाने हेतु बैकवर्ड एक्ट होना चाहिए ताकि पिछड़ी जातियों को सुरक्षा और सम्मान मिल सके।
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पूजींगत जमींदारी के उन्मूलन हेतु सम्यक सीलिंग एक्ट लागू किया जाय। आइसबेस के जिला संयोजक रमाशंकर पटेल ने किया। कार्यक्रम के दौरान लाल बहादुर सिंह, डा. एसपी पटेल, घनश्याम पटेल, भगवान मौर्या, अरुण मौर्या, बाबू लाल आदि मौजूद रहे।