फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Auto drivers are charging arbitrary fare

आटो चालक वसूल रहे मनमाना किराया

Sat, 02 Oct 2021 09:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Oct 2021 09:12 PM IST
विज्ञापन
Auto drivers are charging arbitrary fare
मिर्जापुर। इन दिनों नगर में आटो एवं ई-रिक्शा की इतनी अधिक संख्या हो गई है कि प्राय: इनकी वजह से जाम लग जाता है। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न रूटों पर चलते वाले इन आटो अथवा ई-रिक्शा के किराए का निर्धारण न होने से नागरिकों को परेशानी होती है। नगर में आटो चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूला जा रहा है। हाल यह है कि बिना किसी रोकटोक के संचालन के कारण आटो वाले दस रुपये से कम किराया लेते ही नहीं। इस वजह से आए दिन सवारियों से विवाद हो चुका है। लेकिन धौंस के बल पर लोगों को चालक चुप करा देते हैं।
विज्ञापन

नगर में मुख्य रूप से तीन रूटों पर आटो या ई- रिक्शा का संचालन होता है। इसमें स्टेशन से अस्पताल वाया कचहरी, दूसरा स्टेशन से अस्पताल वाया वासलीगंज, तीसरा रामबाग से शास्त्री पुल तथा इसी रूट का लिंक रूट जो शास्त्री पुल से विंध्याचल तथा शास्त्री पुल से ही स्टेशन जाता है। नगर में मुख्य रूप से इन मार्गों पर ही आटो या ई- रिक्शा का संचालन किया जाता है। इनमें से किसी भी रूट पर किराया का निर्धारण नहीं किया गया है। आटो चालक अपने तौर पर किराया निश्चित कर लिए हैं। कभी- कभी मनमाना किराया भी लिया जाता है। इसमें रात के समय या महिला यात्री होने पर आमतौर पर मनमाना किराया लिया जाता है। इतना ही नहीं कम दूरी के लिए भी कोई किराया तय नहीं है। जो मांग लिया वह लेना ही है। यदि किसी ने आपत्ति की तो विवाद होना तय है। शायद ही ऐसा कोई दिन होता हो जबकि कहीं न कहीं विवाद न हो।
विज्ञापन

इनसेट
सवारी की संख्या भी निश्चित नहीं है
मिर्जापुर। इन आटो या ई- रिक्शा में किराया तो तय नहीं है। साथ ही यह भी तय नहीं है कि एक आटो या ई- रिक्शा एक साथ कितनी सवारी बैठा सकता है। यही वजह है कि सवारी को ठूस कर बैठाया जाता है। इससे दुर्घटना का जो खतरा होता है वह तो होता ही है। सवारियों की हालत खराब हो जाती है। विशेषकर महिला व बच्चे एकदम से पिस जाते हैं। इसके लिए न तो कोविड गाइड लाइन का ध्यान दिया जाता है और न ही यातायात नियमों का। यह स्थिति उस समय है जबकि प्रतिवर्ष परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस यातायात सप्ताह का आयोजन करती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जो सार्वजनिक वाहन हैं उनके किराया निर्धारण के लिए प्रशासन को काम करना चाहिए। इससे आम जनता को काफी राहत मिलती है।
- डब्बू
किराया तय न होने से बड़ी परेशानी होती है। कभी- कभी इतना किराया मांग लिया जाता है कि देने में परेशानी होती है। इंकार करने का मतलब है झगड़ा करना।
- शंकर लाल
आमतौर पर लोग आटो या ई- रिक्शा में उसी समय बैठते हैं जब उनके पास कोई अन्य साधन नहीं होते। उनका पहुंचना भी जरूरी होता है। इसलिए किराया निश्चित होना चाहिए।

- श्याम बाबू
प्रशासन को चाहिए कि वह किराये का निर्धारण कर किराया सूची का प्रकाशन करा दे और सभी आटो व ई- रिक्शा पर वह सूची चस्पां की जाए, उसी के अनुसार किराया लिया जाए।
- आनंद सिंह
वर्जन
इसके लिए बनी समिति की बैठक कराकर यथाशीघ्र किराया निर्धारण करने की प्रक्रिया की जाएगी।
- विनय कुमार सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
- आमतौर पर वसूला जाने वाला किराया
कहां से कहां किराया दूरी
स्टेशन से कचहरी- 15 रुपये 2.5 किमी.
स्टेशन से वासलीगंज- 10 रुपये 3.00 तीन किमी.
कचहरी से शास्त्री पुल- 20 रुपये 4.00 किमी.
शास्त्री पुल से विंध्याचल- 15 रुपये 4.00 किमी.
शास्त्री पुल से स्टेशन- 15 रुपये 4.00 किमी.
कचहरी से वालीगंज 10 1.00 किमी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed