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किसी अधिकारी के न आने पर बिफरे
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Thu, 08 Oct 2015 12:46 AM IST
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मतदाता सूची में बाहरी लोगों का नाम जोड़ने से नाराज विकास खंड कोन के मल्लेपुर गांव के ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी बहिष्कार जारी रखा। दूसरे दिन ग्रामीणों ने गांव में ही बहिष्कार शुरु किया। मतदान के बहिष्कार की घोषणा के बाद भी किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त रहा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि मतदाता सूची को सुधारा नहीं गया तो वह लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
मल्लेपुर गांव के ग्रामीणों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी पर नाराजगी जताते हुए बुधवार को गांव में ही धरना प्रदर्शन आरंभ कर दिया। ग्रामीण तिलठी से मल्लेपुर मार्ग पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और जिला प्रशासन विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। बता दें कि चुनाव कार्यालय द्वारा 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई थी। जिसमें 1436 मतदाता थे। आनन फानन में निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों क्रम संख्या 1740 से 1979 तक 239 मतदात और बढ़ा दिए गए।
इतना ही नहीं 1436 क्रम संख्या से 1740 तक 304 मतदाता कहां गए, इनके बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है। बताया कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों जल्दबाजी में बनाए गए मतदाता सूची के कारण उनके गांव के सूची में 1950 से 1980 एवं 1941 से 1979 तक मड़िहान तहसील क्षेत्र के पटेहरा ब्लाक के हड़ौरा गांव के लोगों का नाम डाल दिया गया है।
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वहीं 1022 से 1928 एवं 1938 से 1946, 1923 से 1927, 1897 से 1917, 1896 से 1998, 1900 से 1916 तक कोन ब्लाक के हरसिंगपुर गांव के मतदाताओं का नाम सूची में अंकित किया गया है। वहीं 1759 से 1773, 1789 से 1793, 1825 से 1774, 1790 से 1792, 1826 से 1830 तक कोन ब्लाक के ही श्रीपट्टी गांव के मतदाताओं का नाम दर्ज हुआ है।
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मल्लेपुर गांव के ग्रामीणों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी पर नाराजगी जताते हुए बुधवार को गांव में ही धरना प्रदर्शन आरंभ कर दिया। ग्रामीण तिलठी से मल्लेपुर मार्ग पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और जिला प्रशासन विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं। बता दें कि चुनाव कार्यालय द्वारा 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की गई थी। जिसमें 1436 मतदाता थे। आनन फानन में निर्वाचन विभाग के कर्मचारियों क्रम संख्या 1740 से 1979 तक 239 मतदात और बढ़ा दिए गए।
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इतना ही नहीं 1436 क्रम संख्या से 1740 तक 304 मतदाता कहां गए, इनके बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया है। बताया कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों जल्दबाजी में बनाए गए मतदाता सूची के कारण उनके गांव के सूची में 1950 से 1980 एवं 1941 से 1979 तक मड़िहान तहसील क्षेत्र के पटेहरा ब्लाक के हड़ौरा गांव के लोगों का नाम डाल दिया गया है।
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वहीं 1022 से 1928 एवं 1938 से 1946, 1923 से 1927, 1897 से 1917, 1896 से 1998, 1900 से 1916 तक कोन ब्लाक के हरसिंगपुर गांव के मतदाताओं का नाम सूची में अंकित किया गया है। वहीं 1759 से 1773, 1789 से 1793, 1825 से 1774, 1790 से 1792, 1826 से 1830 तक कोन ब्लाक के ही श्रीपट्टी गांव के मतदाताओं का नाम दर्ज हुआ है।