{"_id":"6526f5006a95af3409054e5d","slug":"airport-like-facilities-will-be-developed-in-the-roadways-complex-by-spending-rs-64-crores-mirzapur-news-c-192-1-svns1035-6887-2023-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: 64 करोड़ खर्च कर रोडवेज परिसर में विकसित की जाएंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: 64 करोड़ खर्च कर रोडवेज परिसर में विकसित की जाएंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं
विज्ञापन
मिर्जापुर। जल्दी ही मिर्जापुर के रोडवेज बस अड्डे पर आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलने लगेंगी। पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत बस अड्डे का कायाकल्प किया जा रहा है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट की बैठक में भी एयरपोर्ट की तर्ज पर मिर्जापुर बस अड्डे के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। टेंंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 64 करोड़ की लागत से रोडवेज परिसर का कायाकल्प शुरू हो जाएगा।
मिर्जापुर रोडवेज परिसर में न तो बैठने की बेहतर व्यवस्था है और न ही पर्याप्त रोशनी व पीने के पानी की व्यवस्था। बसें खड़ी करने के लिए भी शेड नहीं है। कार्यालय भवन भी जर्जर हालत में है। अब जल्दी ही रोडवेज परिसर की सूरत बदलने वाली है। प्रदेश सरकार 23 जिलों के रोडवेज परिसर का पीपीपी माॅडल पर कायाकल्प करने जा रही है। इसके तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर रोडवेज परिसर का कायाकल्प होगा। मिर्जापुर रोडवेज परिसर 13 हजार 845 वर्ग मीटर क्षेत्र में है। इसमें वर्कशॉप, कार्यालय और आठ भवन हैं। उप निबंधक ने जमीन और भवन की कीमत का मूल्यांकन किया है। जमीन और भवन को मिलाकर 50 करोड़ का मूल्यांकन हुआ है। इसकी रिपोर्ट परिवहन निगम के मुख्यालय भेजी गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होनेे के बाद निमार्ण शुरू होगा।
रोडवेज परिसर 13 हजार 845 वर्ग मीटर क्षेत्र में है। कायाकल्प योजना के तहत 10 हजार 300 वर्ग मीटर में नया रोडवेज डिपो बनेगा। पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप पर कार्य होगा। डिपो तीन मंजिला बनाया जाएगा। कुल मिलाकर 25 हजार वर्ग मीटर में तीन मंजिला भवन बनेगा। नीचे रोडवेज का कार्यालय, अनाउंसमेट कक्ष आदि बनेंगे। उसके ऊपर कामर्शियल उपयोग के लिए भवन बनाए जाएंगे। इसमें यात्री सुविधाएं रहेंगी। बाकी खाली जमीन पर वर्कशाप और बसों को खड़ी करने के लिए जगह बनाई जाएगी। परिसर में बेहतर लाइटिंग, यात्रियों के बैठने के लिए स्थान, पेयजल और कैंटीन के साथ ही बसों के लिए शेड व माॅडल वर्कशाप की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा वेटिंग हाल, प्रसाधन केंद्र, बिजली, पंखे और पानी के अलावा अनाउंस सिस्टम (घोषणा प्रणाली) भी उच्चस्तरीय गुणवत्ता वाली हो जाएगी। वीआईपी लाउंज, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, शॉपिंग मॉल्स, लिफ्ट, होटल, रेस्टोरेंज, शापिंग कांप्लेक्स आदि की सुविधाएं बढ़ेंगी। परिसर में टाइल्स और मार्बल्स लगेंगे। चमचमाती अत्याधुनिक लाइटें लगेंगी। रोडवेज के एआरएम एसके सेठ का कहना है कि एयरपोर्ट की तर्ज पर प्रस्तावित रोडवेज परिसर के लिए प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अभी टेंडर प्रक्रिया नहीं हुई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर रोडवेज परिसर में न तो बैठने की बेहतर व्यवस्था है और न ही पर्याप्त रोशनी व पीने के पानी की व्यवस्था। बसें खड़ी करने के लिए भी शेड नहीं है। कार्यालय भवन भी जर्जर हालत में है। अब जल्दी ही रोडवेज परिसर की सूरत बदलने वाली है। प्रदेश सरकार 23 जिलों के रोडवेज परिसर का पीपीपी माॅडल पर कायाकल्प करने जा रही है। इसके तहत एयरपोर्ट की तर्ज पर रोडवेज परिसर का कायाकल्प होगा। मिर्जापुर रोडवेज परिसर 13 हजार 845 वर्ग मीटर क्षेत्र में है। इसमें वर्कशॉप, कार्यालय और आठ भवन हैं। उप निबंधक ने जमीन और भवन की कीमत का मूल्यांकन किया है। जमीन और भवन को मिलाकर 50 करोड़ का मूल्यांकन हुआ है। इसकी रिपोर्ट परिवहन निगम के मुख्यालय भेजी गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होनेे के बाद निमार्ण शुरू होगा।
विज्ञापन
रोडवेज परिसर 13 हजार 845 वर्ग मीटर क्षेत्र में है। कायाकल्प योजना के तहत 10 हजार 300 वर्ग मीटर में नया रोडवेज डिपो बनेगा। पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप पर कार्य होगा। डिपो तीन मंजिला बनाया जाएगा। कुल मिलाकर 25 हजार वर्ग मीटर में तीन मंजिला भवन बनेगा। नीचे रोडवेज का कार्यालय, अनाउंसमेट कक्ष आदि बनेंगे। उसके ऊपर कामर्शियल उपयोग के लिए भवन बनाए जाएंगे। इसमें यात्री सुविधाएं रहेंगी। बाकी खाली जमीन पर वर्कशाप और बसों को खड़ी करने के लिए जगह बनाई जाएगी। परिसर में बेहतर लाइटिंग, यात्रियों के बैठने के लिए स्थान, पेयजल और कैंटीन के साथ ही बसों के लिए शेड व माॅडल वर्कशाप की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा वेटिंग हाल, प्रसाधन केंद्र, बिजली, पंखे और पानी के अलावा अनाउंस सिस्टम (घोषणा प्रणाली) भी उच्चस्तरीय गुणवत्ता वाली हो जाएगी। वीआईपी लाउंज, कैफेटेरिया, फूड कोर्ट, शॉपिंग मॉल्स, लिफ्ट, होटल, रेस्टोरेंज, शापिंग कांप्लेक्स आदि की सुविधाएं बढ़ेंगी। परिसर में टाइल्स और मार्बल्स लगेंगे। चमचमाती अत्याधुनिक लाइटें लगेंगी। रोडवेज के एआरएम एसके सेठ का कहना है कि एयरपोर्ट की तर्ज पर प्रस्तावित रोडवेज परिसर के लिए प्रक्रिया चल रही है। हालांकि अभी टेंडर प्रक्रिया नहीं हुई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
विज्ञापन