Mirzapur : अपमिश्रित शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस राजफाश में जुटी, दिल्ली से बिहार तक फैला है जाल
पुलिस ने अपमिश्रित शराब बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बताया कि मामले पर एसआईटी का गठन होगा। इसके साथ ही इस गिरोह के तार किससे जुड़े हैं इसकी जानकारी ली जा रही है। पुलिस को पकड़े गए आरोपियों के पास से 106 बोतल सोलह हजार ढ़क्कन बरामद हुए हैं। शराब को फुटकर दुकानों से थोक में बिहार भेजा जाता था।
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मिर्जापुर में अपमिश्रित शराब के बड़े गिरोह के सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। शराब की फुटकर दुकानों और बार से थोक में शराब बिहार के तस्करों को बेची जा रही है। कटरा कोतवाली पुलिस ने बिहार भेजी जा रही 300 लीटर से ज्यादा शराब के साथ चार लोगों को पकड़ा है। उनसे पूछताछ में पुलिस को पता चला कि शराब नगर के एक बार और दुकान से खरीदी गई है। शराब पर बार कोड लगा है।
बीते 22 दिसंबर को कटरा कोतवाली पुलिस ने तीन ट्राॅली बैग व पिट्ठू बैग में भरी 645 टेट्रा पैक अंग्रेजी शराब के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें 161 लीटर शराब थी। अगले दिन फिर कटरा कोतवाली पुलिस ने बिहार शराब लेकर जा रहे दो लोगों को 201 टेट्रा पैक शराब के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शराब पास के बार और दुकान से खरीदी गई है।
आबकारी अधिकारी के मुताबिक देसी शराब की दुकान से पांच पौवा, अंग्रेजी शराब की दुकान से छह बोतल और बीयर की दुकान से 12 केन ले जाने का नियम है। एक बार में इससे ज्यादा शराब नहीं ले जा सकते हैं। उधर, इस नियम के बावजूद कटरा कोतवाली क्षेत्र स्थित एक बार और वासलीगंज से लेकर स्टेशन रोड आदि स्थानों से बिहार के तस्कर सैकड़ों लीटर शराब लेकर जा रहे हैं।
उधर, जो शराब बरामद हुई है, उस पर बार कोड अंकित है। बार कोड के माध्यम से पता किया जा सकता है कि किस दुकान से शराब बेची गई। नियम विरुद्ध होने पर कार्रवाई की जानी चाहिए, परंतु आबकारी विभाग ने अभी तक जांच नहीं की। आबाकारी अधिकारी ज्ञानेंद्र पांडेय ने कहा कि फुटकर दुकानों से एक बार में शराब ले जाने का नियम है कि कितनी शराब ले जाई जा सकती है।
बिहार में तस्करी के लिए फुटकर दुकानों से शराब ले जाने के मामले की जांच की जाएगी।