-पारस नाथ दिगंबर जैन मंदिर नगर में निकाली गई शोभायात्रा
मिर्जापुर। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की 2626 वीं जयंती के उपलक्ष्य में बाजीराव कटरा स्थित पारस नाथ दिगंबर जैन मंदिर से सोमवार को शोभा यात्रा निकाली गई। यात्रा इमरती रोड, भैसहिया टोला, गनेशगंज, लालडिग्गी, बूढ़ेनाथ, त्रिमोहानी, धुंधी कटरा, चौथे टोला होते हुए बड़े मंदिर पहुंची। जहां भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक करके पूजन किया गया। अभिषेक के उपरांत गोष्ठी हुई, इसमें भगवान महावीर के जीवन और आदर्शों पर प्रकाश डाला गया। प्रबंधक संजीव कुमार जैन ने कहा कि चारों तरफ हिंसा और तांडव मचा हुआ था। राग-द्वेष बढ़ रहा था। शिष्टाचार समाप्त होता जा रहा था। तब भारत के वैशाली राज्य में अहिंसावाद के अग्रदूत भगवान महावीर का जन्म हुआ। भगवान महावीर स्वामी ने बचपन से ही उन्होंने अपने आचरण में अहिंसा को अपनाया था। जियो और जीने दो तथा अहिंसा परमो धर्म, इन दो मुख्य उपदेश के आधार पर उन्होंने आत्म कल्याण की राह बतायी। अध्यक्ष मनोज जैन ने कहा कि भगवान महावीर ने अहिंसा को ही सबसे बड़ा धर्म बताते हुए संदेश दिया था कि समस्त आत्माएं एक समान है। इससे पूर्व शोभायात्रा में संजय रैदानी व महावीर सेठिया की तरफ से बूढ़ेनाथ पर आम जनमानस को शर्बत वितरित किया गया। इसी तरह चौबे टोला बड़े़ मंदिर के पास मिर्जापुर रोटरी क्लब की तरफ से लोगों को शर्बत पिलाई गई। कार्यक्रम में दीपचंद्र जैन, ऋषभ जैन, पूनम चंद्र जैन, भीखम चंद्र सेठिया, अनूप चंद्र पुगलिया, चंद्रहास जैन, अरुण कुमार जैन, संजीव जैन, सारिका जैन, अनीता जैन, संगीता जैन, सीमा जैन सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।