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Mirzapur News: बाइक की टक्कर से साथी की मौत, पांच घंटे तक आशा कार्यकर्ताओं का सीएचसी पर धरना
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कछवां के जलालपुर गांव के सामने शव रखकर जाम लगाए परिजन। स्रोत- संवाद
कछवां के बजहां गांव के सामने हुई दुर्घटना, कार्यकर्ता डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं
कछवां। थाना क्षेत्र के बजहां गांव के सामने आयुष्मान कार्ड के लिए घर-घर जा कर संपर्क कर रही आशा कार्यकर्ता लालदेई (59) की बाइक की टक्कर से मौत हो गई। इससे आक्रोशित सैकड़ों आशा कार्यकर्ता सीएचसी पहुंच कर धरने पर बैठ गईं। डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ी रही। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ धरना पांच घंटे बाद खत्म हुआ।
थानाध्यक्ष कछवां अमरजीत चौहान ने बताया कि बजहां गांव निवासी लालदेई शुक्रवार सुबह लोगों से संपर्क करने जा रही थी। इसी दौरान कछवां से चुनार जा रहे तेज रफ्तार अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी। हादसे में लालदेई गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से घायल को सीएचसी कछवां ले गई। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। ड्यूटी के दौरान हादसे में आशा कार्यकर्ता की मौत की खबर सुनते ही रेखा सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। कार्यकर्ता सीएचसी का गेट बंद कर धरने पर बैठ गईं। जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करने लगी। सीएचसी प्रभारी डॉ. सीबी पटेल ने हड़ताल की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश प्रसाद पहुंचकर समझाने का प्रयास किए लेकिन आशा कार्यकर्ता डीएम को बुलाने पर अड़ी रही। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर महेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार नगीना सिंह पहुंचे। समझाने के बाद आशाएं मानने को तैयार नहीं हुई। रेखा देवी ने कहा कि डीएम साहब कहते हैं कि आशाएं करती ही क्या हैं। आज एक आशा की काम करते समय हादसे में जान चली गई। डीएम साहब को हमारे प्रति संवेदनाएं ही नहीं है। आशाओं की संख्या बढ़ती देख कछवां पुलिस भी सक्रिय हो गई। तीन थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। सीओ सदर मुनेंद्र पाल सिंह, सीओ सिटी विवेक जावला, थानाध्यक्ष पड़री प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष चील्ह रविंद्र भूषण और महिला थाना प्रभारी ज्ञानू प्रिया पहुंच गई। उच्चाधिकारियों को काफी समझाने के बावजूद भी आशा कार्यकर्ता डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ी रही। सूचना पर पहुंची मझवां विधायक सुचिश्मिता मौर्य ने समझाया और संभव मदद करने का आश्वासन देते हुए पांच घंटे बाद तीन बजे हड़ताल समाप्त कराया। इसके पश्चात पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। विधायक और एसडीएम ने ससम्मान आशा कार्यकर्ता के शव को भेजवाया। आशा कार्यकर्ता के तीन बेटे व एक बेटी का परिवार है। सभी बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं।
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कछवां। थाना क्षेत्र के बजहां गांव के सामने आयुष्मान कार्ड के लिए घर-घर जा कर संपर्क कर रही आशा कार्यकर्ता लालदेई (59) की बाइक की टक्कर से मौत हो गई। इससे आक्रोशित सैकड़ों आशा कार्यकर्ता सीएचसी पहुंच कर धरने पर बैठ गईं। डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ी रही। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ धरना पांच घंटे बाद खत्म हुआ।
थानाध्यक्ष कछवां अमरजीत चौहान ने बताया कि बजहां गांव निवासी लालदेई शुक्रवार सुबह लोगों से संपर्क करने जा रही थी। इसी दौरान कछवां से चुनार जा रहे तेज रफ्तार अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी। हादसे में लालदेई गंभीर रूप से घायल हो गईं। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से घायल को सीएचसी कछवां ले गई। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। ड्यूटी के दौरान हादसे में आशा कार्यकर्ता की मौत की खबर सुनते ही रेखा सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में सीएचसी पर आशा कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। कार्यकर्ता सीएचसी का गेट बंद कर धरने पर बैठ गईं। जिलाधिकारी को बुलाने की मांग करने लगी। सीएचसी प्रभारी डॉ. सीबी पटेल ने हड़ताल की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। मौके पर पहुंचे डिप्टी सीएमओ डॉ. मुकेश प्रसाद पहुंचकर समझाने का प्रयास किए लेकिन आशा कार्यकर्ता डीएम को बुलाने पर अड़ी रही। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर महेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार नगीना सिंह पहुंचे। समझाने के बाद आशाएं मानने को तैयार नहीं हुई। रेखा देवी ने कहा कि डीएम साहब कहते हैं कि आशाएं करती ही क्या हैं। आज एक आशा की काम करते समय हादसे में जान चली गई। डीएम साहब को हमारे प्रति संवेदनाएं ही नहीं है। आशाओं की संख्या बढ़ती देख कछवां पुलिस भी सक्रिय हो गई। तीन थानों की फोर्स मौके पर बुला ली गई। सीओ सदर मुनेंद्र पाल सिंह, सीओ सिटी विवेक जावला, थानाध्यक्ष पड़री प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष चील्ह रविंद्र भूषण और महिला थाना प्रभारी ज्ञानू प्रिया पहुंच गई। उच्चाधिकारियों को काफी समझाने के बावजूद भी आशा कार्यकर्ता डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ी रही। सूचना पर पहुंची मझवां विधायक सुचिश्मिता मौर्य ने समझाया और संभव मदद करने का आश्वासन देते हुए पांच घंटे बाद तीन बजे हड़ताल समाप्त कराया। इसके पश्चात पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। विधायक और एसडीएम ने ससम्मान आशा कार्यकर्ता के शव को भेजवाया। आशा कार्यकर्ता के तीन बेटे व एक बेटी का परिवार है। सभी बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं।
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