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... क्या बेटियों के हाथ नहीं हाेंगे पीले
Mirzapur
Updated Sun, 24 Nov 2013 05:42 AM IST
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मिर्जापुर। लगन का पीक टाइम चल रहा है, लोग अपनी बेटियों के हाथ पीले करने शुरू कर दिए हैं। लेकिन जनपद के पांच सैकड़ा से अधिक पात्र शादी अनुदान पाने से वंचित हैं। वह अनुदान के लिए विभाग की ओर टकटकी लगाए हुए हैं।
सामान्य, अनुसूचित व पिछड़ी जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को बेटियों के हाथ पीले करने के लिए शादी अनुदान दिया जाता है। इसकी जिम्मेदारी जिले में समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को दी गई है। जिनके द्वारा पात्रों के आवेदन करने पर जांच कर शादी अनुदान से आच्छादित किया जाता है। लाभार्थियों का कोई लक्ष्य नहीं है। जिनके भी प्रार्थना पत्र आते हैं । उन्हें अनुदान दिया जाता है। इसके तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले में अब तक कुल 1425 पात्रों ने प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें 476 अनुसूचित जाति, 121 सामान्य और 828 पिछड़ी जाति के लोग शामिल हैं। लेकिन अभी भी 557 पात्र शादी अनुदान पाने से वंचित हैं। इसमें 295 लाभार्थी अनुसूचित, 12 सामान्य और 250 पिछड़ी जाति के हैं।
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सामान्य, अनुसूचित व पिछड़ी जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को बेटियों के हाथ पीले करने के लिए शादी अनुदान दिया जाता है। इसकी जिम्मेदारी जिले में समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को दी गई है। जिनके द्वारा पात्रों के आवेदन करने पर जांच कर शादी अनुदान से आच्छादित किया जाता है। लाभार्थियों का कोई लक्ष्य नहीं है। जिनके भी प्रार्थना पत्र आते हैं । उन्हें अनुदान दिया जाता है। इसके तहत चालू वित्तीय वर्ष में जिले में अब तक कुल 1425 पात्रों ने प्रार्थना पत्र दिया है। इसमें 476 अनुसूचित जाति, 121 सामान्य और 828 पिछड़ी जाति के लोग शामिल हैं। लेकिन अभी भी 557 पात्र शादी अनुदान पाने से वंचित हैं। इसमें 295 लाभार्थी अनुसूचित, 12 सामान्य और 250 पिछड़ी जाति के हैं।
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