{"_id":"62-114461","slug":"Mirzapur-114461-62","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यकर्मियों की हड़ताल स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्यकर्मियों की हड़ताल स्थगित
Mirzapur
Updated Sat, 23 Nov 2013 05:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के तत्वावधान में शुक्रवार को कर्मचारियों का हड़ताल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद स्थगित हो गया। ग्यारह दिन तक चले हड़ताल के बाद शनिवार से राज्य कर्मचारी अपने काम पर लौटेंगे। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच अध्यक्ष लल्लू तिवारी ने बताया कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेशित किया कि तत्काल कमेटी गठित करके कर्मचारियों से वार्ता करके उनकी मांगों का हल निकाले। न्यायालय ने तीन दिसंबर तक वार्ता की प्रगति से अवगत कराने का निर्देश भी दिया है। इसी क्रम में हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार का उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए। उन्होंने सभी कर्मचारियों से शनिवार को अपने काम पर लौटने के लिए कहा।
इसके पूर्व विकास भवन, कलेक्ट्रेट, राजस्व, आपूर्ति, समाज कल्याण, चकबंदी, रजिस्ट्री, कोषागार, खनन, सिंचाई, पीडब्लूडी, आरईडी, वाणिज्यकर, आयुक्त कार्यालय सहित तहसील व ब्लाकों के कर्मचारी तालाबंद करके हड़ताल में शामिल हुए। धरने के दौरान अध्यक्ष लल्लू तिवारी ने कहा कि राज्य कर्मचारी सरकार की धमकियाें से डरने वाले नहीं है। सरकार न्यायालय का सम्मान करे और खुले मन से कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करके गतिरोध समाप्त करें। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अधिकारी फर्जी सूचना देकर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। इस मौके पर राम प्यारे, धर्मेंद्र सिंह, श्यामानंद, ओम प्रकाश तिवारी, शशि धर द्विवेदी, अमर पाल सिंह आदि रहे। सभा की अध्यक्षता लाल बचन पांडेय व संचालन लल्लू तिवारी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष ने कहा कि उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार का उत्पीड़नात्मक कार्रवाई न की जाए। उन्होंने सभी कर्मचारियों से शनिवार को अपने काम पर लौटने के लिए कहा।
विज्ञापन
इसके पूर्व विकास भवन, कलेक्ट्रेट, राजस्व, आपूर्ति, समाज कल्याण, चकबंदी, रजिस्ट्री, कोषागार, खनन, सिंचाई, पीडब्लूडी, आरईडी, वाणिज्यकर, आयुक्त कार्यालय सहित तहसील व ब्लाकों के कर्मचारी तालाबंद करके हड़ताल में शामिल हुए। धरने के दौरान अध्यक्ष लल्लू तिवारी ने कहा कि राज्य कर्मचारी सरकार की धमकियाें से डरने वाले नहीं है। सरकार न्यायालय का सम्मान करे और खुले मन से कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार करके गतिरोध समाप्त करें। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि अधिकारी फर्जी सूचना देकर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। इस मौके पर राम प्यारे, धर्मेंद्र सिंह, श्यामानंद, ओम प्रकाश तिवारी, शशि धर द्विवेदी, अमर पाल सिंह आदि रहे। सभा की अध्यक्षता लाल बचन पांडेय व संचालन लल्लू तिवारी ने किया।
विज्ञापन