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मांगों के समर्थन में राज्य कर्मचारियों ने भरी हुंकार
Mirzapur
Updated Thu, 14 Nov 2013 05:41 AM IST
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मिर्जापुर। प्रदेश सरकार द्वारा काम नहीं तो वेतन नहीं का सिद्धांत लागू करने के बाद भी लगातार दूसरे दिन बुधवार को राज्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे बुधवार को भी कार्यालयों में कामकाज बुरी तरफ प्रभावित रहा। दूसरे दिन भी स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के कर्मचारी हड़ताल से दूर रहे।
राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के तत्वावधान में आयोजित हड़ताल के दौरान डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ अध्यक्ष हरि शंकर यादव ने कर्मचारियों को पूरे मनोयोग से एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साथी भ्रामक खबरों को नजर अंदाज कर दृढ़संकल्प होकर हड़ताल को सफल बनावें। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच अध्यक्ष लल्लू तिवारी ने कहा कि साथी संकल्पित हैं और वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
ईं. बीबी पांडेय ने कहा कि कर्मचारी अनुशासित होकर आंदोलन को आगे बढ़ाएं। अधिकार मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सरकार विधायकों के वेतन व भत्तों को बिना बाधा के मेज थपथपाकर पास करती है, किंतु कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। सरकार की मंशा से इसी से समझी जा सकती है।
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अधिकार मंच मंत्री विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि हमारी 15 सूत्री मांग जायज है। हम लोग आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। प्रदेश सरकार की घुड़कियों से आंदोलन किसी भी कीमत पर वापस नहीं होगा।
सभा को पीके सरोज, विनय श्रीवास्तव, अमर नाथ वर्मा, अजय कुमार, चंद्रहास सिंह, राम प्यारे आदि ने भी संबोधित किया।
उधर, उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ कर्मचारी के जिलाध्यक्ष राम प्रसाद सरोज ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर महासंघ हड़ताल में शामिल नहीं होगें।
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राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के तत्वावधान में आयोजित हड़ताल के दौरान डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ अध्यक्ष हरि शंकर यादव ने कर्मचारियों को पूरे मनोयोग से एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि साथी भ्रामक खबरों को नजर अंदाज कर दृढ़संकल्प होकर हड़ताल को सफल बनावें। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच अध्यक्ष लल्लू तिवारी ने कहा कि साथी संकल्पित हैं और वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
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ईं. बीबी पांडेय ने कहा कि कर्मचारी अनुशासित होकर आंदोलन को आगे बढ़ाएं। अधिकार मंच के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि सरकार विधायकों के वेतन व भत्तों को बिना बाधा के मेज थपथपाकर पास करती है, किंतु कर्मचारियों को अपनी जायज मांगों के लिए लड़ाई लड़नी पड़ती है। सरकार की मंशा से इसी से समझी जा सकती है।
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अधिकार मंच मंत्री विनोद कुमार तिवारी ने कहा कि हमारी 15 सूत्री मांग जायज है। हम लोग आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। प्रदेश सरकार की घुड़कियों से आंदोलन किसी भी कीमत पर वापस नहीं होगा।
सभा को पीके सरोज, विनय श्रीवास्तव, अमर नाथ वर्मा, अजय कुमार, चंद्रहास सिंह, राम प्यारे आदि ने भी संबोधित किया।
उधर, उप्र चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ कर्मचारी के जिलाध्यक्ष राम प्रसाद सरोज ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर महासंघ हड़ताल में शामिल नहीं होगें।