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गड़बड़ाधाम में दो लाख भक्तो ने नवाया शीष
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हलिया। गड़बड़ाधाम गवंइहवा मेले में सोमवार को भक्तों का जन सैलाब उमड़ा रहा। लगभग दो लाख भक्तों ने अपनी हाजिरी लगाते हुए मां के सामने मत्था टेका। भोर चार बजे से ही माता शीतला के दर्शन पूजन का सिलसिला चलता रहा। अपनी मन्नतों के अनुसार महिलाओं ने हलुआ व पुड़ी के साथ ही नारियल को चढ़ाकर माता से अपनी मुरादें पुरी करने की कामना की।
आस्थावान भक्तों का जन सैलाब चतुर्दिक मेला परिधि में फैला रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन के कड़े इंतजाम किए गए थे। महिलाओं को दर्शन व पूजन में किसी प्रकार की दिक्कतें न हों, इसके लिए अगल से कतारें लगाई गईं थीं। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों की भारी भीड़ से पूरा गड़बड़ाधाम पटा रहा। चहुुंओर माता के जयकारे से मेला क्षेत्र गुंजायमान रहा। दर्शनार्थी रोडवेज की बसों के अलावा अपने निजी संसाधनों से आस्थाधाम पहुंचकर सेवटी नदी में स्नान कर मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर कतार बद्घ हो रहे थे। प्रभारी निरीक्षक विश्व ज्योति राय, एसएसआई नरेंद्र कुमार सिंह अपने दल बल के साथ मेला क्षेत्र में कमान संभाले रहे। मेला क्षेत्र में पेयजल संकट बरकरार रहा। लोक पीने के पानी को लेकर इधर-उधर भटकते रहे। मंदिर प्रबंधक प्रकाश चंद शुक्ल का कहना है कि दर्शन कराने में किसी तरह का व्यवधान ना होने पाए, इसके लिए दो दर्जन वालंटियर्स मंदिर के आसपास मुस्तैद रहे। गर्भगृह में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। दर्शन व पूजन बाद श्रद्घालुओं ने मेले का आनंद उठाया। मेले में शृंगार के सामान, बांस के बर्तन, लकड़ी के सामान, नारियल चुनरी लाई, चूड़ा, गट्टा व बतासा सहित बच्चों के खिलौने से दुकानें सजाई गईं थीं।
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आस्थावान भक्तों का जन सैलाब चतुर्दिक मेला परिधि में फैला रहा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन के कड़े इंतजाम किए गए थे। महिलाओं को दर्शन व पूजन में किसी प्रकार की दिक्कतें न हों, इसके लिए अगल से कतारें लगाई गईं थीं। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्तों की भारी भीड़ से पूरा गड़बड़ाधाम पटा रहा। चहुुंओर माता के जयकारे से मेला क्षेत्र गुंजायमान रहा। दर्शनार्थी रोडवेज की बसों के अलावा अपने निजी संसाधनों से आस्थाधाम पहुंचकर सेवटी नदी में स्नान कर मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर कतार बद्घ हो रहे थे। प्रभारी निरीक्षक विश्व ज्योति राय, एसएसआई नरेंद्र कुमार सिंह अपने दल बल के साथ मेला क्षेत्र में कमान संभाले रहे। मेला क्षेत्र में पेयजल संकट बरकरार रहा। लोक पीने के पानी को लेकर इधर-उधर भटकते रहे। मंदिर प्रबंधक प्रकाश चंद शुक्ल का कहना है कि दर्शन कराने में किसी तरह का व्यवधान ना होने पाए, इसके लिए दो दर्जन वालंटियर्स मंदिर के आसपास मुस्तैद रहे। गर्भगृह में सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है। दर्शन व पूजन बाद श्रद्घालुओं ने मेले का आनंद उठाया। मेले में शृंगार के सामान, बांस के बर्तन, लकड़ी के सामान, नारियल चुनरी लाई, चूड़ा, गट्टा व बतासा सहित बच्चों के खिलौने से दुकानें सजाई गईं थीं।
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