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वाराणसी में होने वाले 21 सौ जोड़ों की सामुहिक विवाद निरस्त
Updated Sat, 08 Dec 2018 12:22 AM IST
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मिर्जापुर। वाराणसी के बीएचयू परिसर में दस दिसंबर को होने वाले चार मंडलों के 2100 सौ जोड़ों की सामूहिक विवाह को शासन ने अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दिया। इससे अपने बेटी के हाथ पीले करने का सपना देख रहे श्रमिकों का सपना टूट गया। शासन के इस कदम से लोगों में कड़ी नाराजगी है। कहा कि शादी की तिथि से चार दिन पहले कार्यक्रम को रदद कर देने से उनकी सारी तैयारी पर पानी फिर गया। इससे उनको काफी नुकसान उठाना पड़ा है। जिसकी भरपाई करना मुश्किल हो जाता है।
बता दे कि राज्य सरकार ने श्रम विभाग में पंजीकृत विंध्याचल, वाराणसी, आजमगढ़ और इलाहाबाद मंडल के 2100 श्रमिकों के बेटियों शादी कराने का निर्णय लिया था। इसमें विंध्याचल के मंडल के मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही, वाराणसी जनपद के बनारस, गाजीपुर, जौनपुर, तथा चंदौली व आजमगढ़ के आजमगढ़, मऊ, बलिया तथा इलाहाबाद जनपद के इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौसांबी और फतेहपुर के जनपदों के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बेटियों की शादी कराने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया था। विंध्याचल मंडल में 400 जोड़े, आजमगढ़ में तीन सौ जोड़े तथा बनारस में सात जोड़े तथा इलाहाबाद में तीन सौ जोड़ों की शादी होनी थी। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। पात्र जोड़ों के परिवार लोगों ने शादी में अपनी बेटी को अपने हैसियत के अनुसार उपहार देने तथा वैवाहिक कार्यक्रम को पूरा करने की पूरी तैयारी कर ली थी। सामूहिक विवाह दस दिसंबर को वाराणसी जनपद के डीएलडब्लू में होना था। बाद में इसे बीएचयू परिसर में करने को कहा गया। सभी जोड़ों के परिवार वाले अपने घर पर माड़ों एवं टेंट लगाकर मटिमगरा और भत्तवान की तैयारी कर रहे थे तभी शासन ने पांच दिसंबर बुधवार को अपरिहार कारणों से इस विशाल सामुहिक विवाह को निरस्त करने का फरमान जारी कर दिया। इसकी खबर लगते ही शादी की तैयारी में जुटे जोड़ों के परिजन सन्न रह गए। सभी में मायूसी छा गई। हर कोई सामुहिक शादी को निरस्त किए जाने का कारण पता लगाने का लगा लेकिन विभागीय अधिकारी उन्हें कुछ नहीं बता पा रहे थे।
बता दे कि राज्य सरकार ने श्रम विभाग में पंजीकृत विंध्याचल, वाराणसी, आजमगढ़ और इलाहाबाद मंडल के 2100 श्रमिकों के बेटियों शादी कराने का निर्णय लिया था। इसमें विंध्याचल के मंडल के मिर्जापुर, सोनभद्र और भदोही, वाराणसी जनपद के बनारस, गाजीपुर, जौनपुर, तथा चंदौली व आजमगढ़ के आजमगढ़, मऊ, बलिया तथा इलाहाबाद जनपद के इलाहाबाद, प्रतापगढ़, कौसांबी और फतेहपुर के जनपदों के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बेटियों की शादी कराने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया गया था। विंध्याचल मंडल में 400 जोड़े, आजमगढ़ में तीन सौ जोड़े तथा बनारस में सात जोड़े तथा इलाहाबाद में तीन सौ जोड़ों की शादी होनी थी। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। पात्र जोड़ों के परिवार लोगों ने शादी में अपनी बेटी को अपने हैसियत के अनुसार उपहार देने तथा वैवाहिक कार्यक्रम को पूरा करने की पूरी तैयारी कर ली थी। सामूहिक विवाह दस दिसंबर को वाराणसी जनपद के डीएलडब्लू में होना था। बाद में इसे बीएचयू परिसर में करने को कहा गया। सभी जोड़ों के परिवार वाले अपने घर पर माड़ों एवं टेंट लगाकर मटिमगरा और भत्तवान की तैयारी कर रहे थे तभी शासन ने पांच दिसंबर बुधवार को अपरिहार कारणों से इस विशाल सामुहिक विवाह को निरस्त करने का फरमान जारी कर दिया। इसकी खबर लगते ही शादी की तैयारी में जुटे जोड़ों के परिजन सन्न रह गए। सभी में मायूसी छा गई। हर कोई सामुहिक शादी को निरस्त किए जाने का कारण पता लगाने का लगा लेकिन विभागीय अधिकारी उन्हें कुछ नहीं बता पा रहे थे।
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