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जेल में बंद मिला जैमर, डीआईजी हुए नाराज
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:08 PM IST
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मिर्जापुर। मंडलायुक्त मुरली मनोहर लाल एवं डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी ने शुक्रवार की शाम पांच बजे जिला जेल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जैमर बंद पाया गया। पूछने पर बताया गया कि इनर्वटर डिस्चार्ज है। जिसके चलते जैमर बंद था। इसपर उन्होंने जनरेटर लगाने को कहा। कहा कि सुरक्षा से किसी का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बंदियों से उनके इलाज समेत अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।
आयुक्त मुरली मनोहर लाल एवं डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव जिलाधिकारी अनुराग पटेल व पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी तथा एएसपी प्रकाश स्वरूप पांडेय के साथ शु्क्रवार की शाम पांच जिला कारागार में छापेेमारी करने पहुंचे। सबसे पहले बंदियों से बातचीत की। उनकी समस्याओं को सुना। एक महिला बंदी ने बताया कि उसके बच्चे के खेलने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसपर आयुक्त ने जेल अधीक्षक को बच्चे के खेलने व पढ़ने की व्यवस्था कराने को कहा। कुछ बंदियों ने बीमारी का इलाज सही तरीके से नहीं कराए जाने की बात की। आयुक्त ने समय से सभी का इलाज कराने को कहा। गुणवत्ता परक खाने उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। डीआईजी ने जैमर को चेक कराया तो बंद मिला। इसपर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। पूछताछ करने पर जेल प्रशासन के अधिकारियों द्वारा बताया कि चार जैमर इनर्वटर से चलता है लेकिन लाइट न रहने के चलते बंद है। लगभग एक घंटे के निरीक्षण के दौरान भोजनालय, कारागार, आदि स्थानों को देखा।
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आयुक्त मुरली मनोहर लाल एवं डीआईजी पीयूष श्रीवास्तव जिलाधिकारी अनुराग पटेल व पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी तथा एएसपी प्रकाश स्वरूप पांडेय के साथ शु्क्रवार की शाम पांच जिला कारागार में छापेेमारी करने पहुंचे। सबसे पहले बंदियों से बातचीत की। उनकी समस्याओं को सुना। एक महिला बंदी ने बताया कि उसके बच्चे के खेलने की कोई व्यवस्था नहीं है। इसपर आयुक्त ने जेल अधीक्षक को बच्चे के खेलने व पढ़ने की व्यवस्था कराने को कहा। कुछ बंदियों ने बीमारी का इलाज सही तरीके से नहीं कराए जाने की बात की। आयुक्त ने समय से सभी का इलाज कराने को कहा। गुणवत्ता परक खाने उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। डीआईजी ने जैमर को चेक कराया तो बंद मिला। इसपर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। पूछताछ करने पर जेल प्रशासन के अधिकारियों द्वारा बताया कि चार जैमर इनर्वटर से चलता है लेकिन लाइट न रहने के चलते बंद है। लगभग एक घंटे के निरीक्षण के दौरान भोजनालय, कारागार, आदि स्थानों को देखा।
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