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चैत्र नवरात्र के पूर्व आरंभ हो जाएगा रोप-वे
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:43 PM IST
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विंध्याचल। विंध्यधाम में आगामी नवरात्र मेला के पहले ही दर्शनार्थियों को रोप-वे की सौगात मिल सकती है। करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रोप-वे के निर्माण का काम करीब दो साल बंद रहने के बाद धन मिलने के बाद फिर से शुरू हो गया है। अगर काम समय से पूरा हुआ तो वासंतिक नवरात्र शुरू होने के पूर्व पहाड़ पर कालीखोह और अष्टभुजा मंदिर को जोड़ने वाला रोप-पे बन जाएगा। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराने की तैयारी है।
भक्तों को बेहतर सुविधा के लिए राज्य सरकार ने अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित मां अष्टभुजी देवी के पास एवं कालीखोह पहाड़ पर स्थित मां काली मंदिर के पास दो-रोपवे बनाने का निर्णय लिया है। विंध्यवासिनी दरबार में प्रति वर्ष करीब 25 लाख से अधिक दर्शनार्थियों का आवागमन रहता है। इसलिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग अष्टभुजा पहाड़ की यात्रा को आसान बनाने में जुटा है। दो साल पहले रोप-वे निर्माण शुरू हुआ, लेकिन बीच में निर्माण बंद रहा। श्री विंध्य पंडा समाज के लोगों ने सरकार से रोप-वे निर्माण कराने की मांग की थी। जिस पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की थी। जिस पर शासन द्वारा रोप-वे के लिए 14 करोड़ की धनराशि को अवमुक्त कर दिया गया है। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के क्रम में त्रिकोण परिक्रमा की जाती है। कालीखोह पहाड़ पर मां काली के दर्शन-पूजन करने के बाद 135 सीढ़ी चढ़ाई चढ़कर मां अष्टभुजी देवी जाना पड़ता है।
2014 में हुआ था करार
ग्लोरियस इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली को 14 करोड़ की लागत से दो-रोपवे के निर्माण का करार वर्ष 2014 में हुआ था। वर्तमान में रोप-वे का कार्य काफी हो चुका है, जो करीब तीन माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
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पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
विंध्याचल। विंध्यधाम क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अष्टभुजा पहाड़ पर दो रोप-वे निर्माण का कार्य हो रहा है। रोप-वे निर्माण सहित पहाड़ पर स्थित मोतिया तालाब को भी विकसित करके पर्यटन को बढ़ावा देने की भी कवायद शुरू हो गई है। पहाड़ पर आने वाले भक्तजन अब तालाब में वोटिंग का लुत्फ उठाएंगे, जिससे विंध्याचल के पर्यटन को बढ़ावा तो मिलेगा। साथ ही धाम क्षेत्र का भी विकास हो सकेगा।
विंध्य क्षेत्र के अष्टभुजा एवं काली खोह मंदिर के पास दो रोप-वे बनाया जा रहा है। दोनों रोप-वे का निर्माण 14 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। अष्टभुजा पहाड़ पर रोप-वे निर्माण का मुख्य उद्देश्य यह है कि दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधा दी जाए। पर्यटन को बढ़ावा मिले व क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सके। रोप-वे का निर्माण आगामी चैत्र नवरात्र मेला शुरू होने से पहले ही कर लिया जाएगा। रोप-वे निर्माण के बाद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ इसका शुभारंभ करेंगे।
बृजेश यादव
सहायक पर्यटन अधिकारी
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भक्तों को बेहतर सुविधा के लिए राज्य सरकार ने अष्टभुजा पहाड़ पर स्थित मां अष्टभुजी देवी के पास एवं कालीखोह पहाड़ पर स्थित मां काली मंदिर के पास दो-रोपवे बनाने का निर्णय लिया है। विंध्यवासिनी दरबार में प्रति वर्ष करीब 25 लाख से अधिक दर्शनार्थियों का आवागमन रहता है। इसलिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग अष्टभुजा पहाड़ की यात्रा को आसान बनाने में जुटा है। दो साल पहले रोप-वे निर्माण शुरू हुआ, लेकिन बीच में निर्माण बंद रहा। श्री विंध्य पंडा समाज के लोगों ने सरकार से रोप-वे निर्माण कराने की मांग की थी। जिस पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की थी। जिस पर शासन द्वारा रोप-वे के लिए 14 करोड़ की धनराशि को अवमुक्त कर दिया गया है। मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के क्रम में त्रिकोण परिक्रमा की जाती है। कालीखोह पहाड़ पर मां काली के दर्शन-पूजन करने के बाद 135 सीढ़ी चढ़ाई चढ़कर मां अष्टभुजी देवी जाना पड़ता है।
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2014 में हुआ था करार
ग्लोरियस इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली को 14 करोड़ की लागत से दो-रोपवे के निर्माण का करार वर्ष 2014 में हुआ था। वर्तमान में रोप-वे का कार्य काफी हो चुका है, जो करीब तीन माह में बनकर तैयार हो जाएगा।
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पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
विंध्याचल। विंध्यधाम क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अष्टभुजा पहाड़ पर दो रोप-वे निर्माण का कार्य हो रहा है। रोप-वे निर्माण सहित पहाड़ पर स्थित मोतिया तालाब को भी विकसित करके पर्यटन को बढ़ावा देने की भी कवायद शुरू हो गई है। पहाड़ पर आने वाले भक्तजन अब तालाब में वोटिंग का लुत्फ उठाएंगे, जिससे विंध्याचल के पर्यटन को बढ़ावा तो मिलेगा। साथ ही धाम क्षेत्र का भी विकास हो सकेगा।
विंध्य क्षेत्र के अष्टभुजा एवं काली खोह मंदिर के पास दो रोप-वे बनाया जा रहा है। दोनों रोप-वे का निर्माण 14 करोड़ रुपये से किया जा रहा है। अष्टभुजा पहाड़ पर रोप-वे निर्माण का मुख्य उद्देश्य यह है कि दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधा दी जाए। पर्यटन को बढ़ावा मिले व क्षेत्र का सर्वांगीण विकास हो सके। रोप-वे का निर्माण आगामी चैत्र नवरात्र मेला शुरू होने से पहले ही कर लिया जाएगा। रोप-वे निर्माण के बाद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ इसका शुभारंभ करेंगे।
बृजेश यादव
सहायक पर्यटन अधिकारी