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धूम धाम व हर्सोल्लास के साथ मनाया गया गोवर्धन पूजा
Updated Sat, 21 Oct 2017 11:59 PM IST
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मिर्जापुर। जिले में धूमधाम के साथ गोवर्धन पूजन का पर्व मनाया गया। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस मौके पर भगवान कृष्ण को छप्पन भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया। नगर के सत्ती रोड स्थित बेटी जी के मंदिर में शुक्रवार को प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी भगवान कृष्ण को छप्पन भोग लगाया गया। इसमें तरह तरह में मेवे व पकवान के भोग लगाए गए। भगवान के अदभुत व अलौकिक स्वरूप के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान भक्तों में प्रसाद वितरण किया गया।
उधर अदलहाट संवाददाता के अनुसार क्षेत्र मे कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार बड़े ही हर्सोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। पौराणिक कथा के अनुसार यह पर्व द्वापर युग मे आरंभ हुआ था। आज के दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन व गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग मे लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा। कई जगह इस पर्व को गोवर्धन पूजा के नाम से भी जाना जाता है। अन्नकूट के दिन भक्तगण छप्पन प्रकार के पकवान, रंगोली, पके हुए चावल को भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर श्रद्धा और भक्तिपूर्वक उनकी पूजा वंदना करते हैं। तत्पश्चात परिजनों संग इस महा प्रसाद को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। अन्नकूट के पावन पर्व पर हर मंदिरों मे छप्पन प्रकार का भोग लगाया जाता है तथा दूसरे दिन सुबह से ही भक्त जनों को वह महा प्रसाद वितरित किया जाता है। शनिवार की सुबह क्षेत्र के हर मंदिरों पर प्रसाद लेने की भारी भीड़ देखी गई। गांव की महिलाएं सजधज कर गोधना का पूजन अर्चन परंपरागत ढंग से किया। महिलाएं समूह के साथ गोधना का पूजन कर अपने भाइयों को दीर्घायु होने और भाई बहन के पवित्र रिश्ते को कायम रखने के लिए मन्नतें मांगी। प्रसाद को अपने भाईयों के सर पर तिलक लगा कर श्रदथ्धा भाव के साथ उन्हें ग्रहण कराया।
उधर अदलहाट संवाददाता के अनुसार क्षेत्र मे कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रथमा को अन्नकूट का त्यौहार बड़े ही हर्सोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। पौराणिक कथा के अनुसार यह पर्व द्वापर युग मे आरंभ हुआ था। आज के दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन व गायों के पूजा के निमित्त पके हुए अन्न भोग मे लगाए थे, इसलिए इस दिन का नाम अन्नकूट पड़ा। कई जगह इस पर्व को गोवर्धन पूजा के नाम से भी जाना जाता है। अन्नकूट के दिन भक्तगण छप्पन प्रकार के पकवान, रंगोली, पके हुए चावल को भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर श्रद्धा और भक्तिपूर्वक उनकी पूजा वंदना करते हैं। तत्पश्चात परिजनों संग इस महा प्रसाद को भोजन के रूप में ग्रहण करते हैं। अन्नकूट के पावन पर्व पर हर मंदिरों मे छप्पन प्रकार का भोग लगाया जाता है तथा दूसरे दिन सुबह से ही भक्त जनों को वह महा प्रसाद वितरित किया जाता है। शनिवार की सुबह क्षेत्र के हर मंदिरों पर प्रसाद लेने की भारी भीड़ देखी गई। गांव की महिलाएं सजधज कर गोधना का पूजन अर्चन परंपरागत ढंग से किया। महिलाएं समूह के साथ गोधना का पूजन कर अपने भाइयों को दीर्घायु होने और भाई बहन के पवित्र रिश्ते को कायम रखने के लिए मन्नतें मांगी। प्रसाद को अपने भाईयों के सर पर तिलक लगा कर श्रदथ्धा भाव के साथ उन्हें ग्रहण कराया।
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