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सड़क का निर्माण न होने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:55 AM IST
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जमालपुर। कई वर्षोँं से अधूरे पड़े ओवरब्रिज व सड़क का निर्माण न कराए जाने पर ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने ओवरब्रिज के निर्माण में देरी करने तथा छह माह से स्टेट हाईवे खोदकर उसे छोड़ने पर कड़ी नाराजगी व्यक्ति करते हुए गुरुवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे विभाग एवं ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर चेतावनी दी कि एक सप्ताह के अंदर सड़क के गड्ढे को पाट कर चालू नहीं किया गया तो वह आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
रेलवे आठ करोड़ की लागत से स्टेट हाईवे पर जिवनाथपुर क्रासिंग के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। ठेकेदार ने पिलर निर्माण के लिए करीब छह माह से हाईवे की सड़क पर गड्ढा खोद कर छोड़ दिया है। लोगों के आने जाने के लिए कोई बाईपास रोड भी नहीं बनाया है। जिससे बरसात होने के बाद इस रूट पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है। संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर रेलवे के जीएम ने निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश ठेकेदार को दिया था। बावजूद इसके अभी तक कार्य में तेजी नहीं लाई गई। मामले की शिकायत करने पर एसडीएम चुनार ने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई तो उसने कार्य में तेजी लाई और पुल का छत ढाल दिया, लेकिन उससे आगे का कार्य नहीं कर रहा है। गामीणों की माने तो ठेकेदार व रेल अधिकारियों के बीच कमीशन को लेकर काम प्रभावित हो रहा है। जबकि इस मार्ग से सैकड़ो मजदूर प्रतिदिन बनारस काम करने के लिए आते जाते हैं। यह मार्ग तीन जनपदों चंदौली मिर्जापुर और सोनभद्र को जोड़ता है। रात के समय महिलाआें को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें अस्पताल ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बताया कि पुल का निर्माण दिसंबर तक पूरा होना है लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते निमाण कार्य ठप है। प्रदर्शन करने वालो में सुजीत सिह लोरिक यादव , सुधीर यादव, रविप्रकाश तिपाठी, राम अधार यादव, नरसिग चौहान, रजनीश, भूषण सिंह अखिलेश आदि शामिल रहे।
रेलवे आठ करोड़ की लागत से स्टेट हाईवे पर जिवनाथपुर क्रासिंग के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। ठेकेदार ने पिलर निर्माण के लिए करीब छह माह से हाईवे की सड़क पर गड्ढा खोद कर छोड़ दिया है। लोगों के आने जाने के लिए कोई बाईपास रोड भी नहीं बनाया है। जिससे बरसात होने के बाद इस रूट पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है। संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत करने पर रेलवे के जीएम ने निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश ठेकेदार को दिया था। बावजूद इसके अभी तक कार्य में तेजी नहीं लाई गई। मामले की शिकायत करने पर एसडीएम चुनार ने ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई तो उसने कार्य में तेजी लाई और पुल का छत ढाल दिया, लेकिन उससे आगे का कार्य नहीं कर रहा है। गामीणों की माने तो ठेकेदार व रेल अधिकारियों के बीच कमीशन को लेकर काम प्रभावित हो रहा है। जबकि इस मार्ग से सैकड़ो मजदूर प्रतिदिन बनारस काम करने के लिए आते जाते हैं। यह मार्ग तीन जनपदों चंदौली मिर्जापुर और सोनभद्र को जोड़ता है। रात के समय महिलाआें को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें अस्पताल ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बताया कि पुल का निर्माण दिसंबर तक पूरा होना है लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते निमाण कार्य ठप है। प्रदर्शन करने वालो में सुजीत सिह लोरिक यादव , सुधीर यादव, रविप्रकाश तिपाठी, राम अधार यादव, नरसिग चौहान, रजनीश, भूषण सिंह अखिलेश आदि शामिल रहे।
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